स्कूल की सांसत, आखिर किसे बांटे वजीफा!

Ghaziabad Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के बाबुओं की गलती से अब तक 53 बच्चों का वजीफा रुका पड़ा है। वहीं, स्कूल प्रशासन गलत फीडिंग को सही कराने के लिए बीएसए से कलेक्ट्रेट तक के चक्कर काट रहा है। मामला लोनी के सरस्वती शिशु मंदिर का है। स्कूल प्रशासन से सत्र 2011-2012 के लिए 217 बच्चों की सूची वजीफा के लिए विभाग को भेजी गई थी। स्कूल को अब तक तीन किश्तों में महज 53 बच्चों के लिए 16,200 रुपये का वजीफा भेजा गया है। स्कूल प्रशासन ने जब 53 बच्चों को वजीफा बांटने के लिए इंटरनेट के माध्यम से शासन की भेजी गई सूची निकाली तो पेंच फंस गया। स्कूल क्लर्क शरद कुमार ने बताया कि जिन 53 बच्चों के नाम से वजीफा आया है, उनमें से एक भी छात्र का नाम उनके स्कूल का नहीं है। हैरत की बात तो यह है कि शासन ने स्कूल के नाम से सूची तैयार की है, अकाउंट नंबर तक सही है, लेकिन बच्चों के नाम और पिता के नाम पूरी तरह गलत हैं। अब स्कूल प्रशासन इस मुश्किल में फंसा है कि वह किसे वजीफा बांटे। बीएसए में शिकायत लेकर पहुंचे शरद का कहना है कि स्कूल की सूची से शासन की सूची बिल्कुल भी मेल नहीं खा रही। ऐसे में बच्चों का वजीफा रुका हुआ है। बीएसए का कहना है कि वजीफा संबंधी सारी कार्रवाई समाज कल्याण विभाग से होती है। हो सकता है डाटा फीडिंग में गड़बड़ी हो गई हो, जिसे समाज कल्याण से ही सही किया जा सकता है।

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