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देखिए! कितना महफूज है गाजियाबाद का रेलवे स्टेशन

Ghaziabad Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
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गाजियाबाद। गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की चाहे कितनी ही धमकियां मिलती रहें, मगर रेलवे के अफसरों को कोई फर्क नहीं पड़ता। न तो यहां मेटल डिटेक्टर लगा है और न ही लगेज स्कैनर मशीनें चालू हुई हैं। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पिछले दो सप्ताह से मेटल डिटेक्टर खुले में पड़ा है। स्टेशन पर नजर रखने के लिए 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। पिछले एक साल से कंट्रोल रूम पर लटका ताला व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। कारण चाहे जो भी हो बुधवार को कई यात्रियों के मुंह से अनायास यही निकला, गाजियाबाद रेलवे स्टेशन आतंकियों का स्वागत करता है। इस संबंध में आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त जगदीश प्रसाद मीणा का कहना है कि हेडक्वार्टर से जवान मांगे गए हैं। स्टेशन पर अन्य सुरक्षा इंतजाम भी किए जाएंगे।
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बात मीठी नींद की है
गाजियाबाद। टाटा कन्सलटेंसी के पीएसके से आवेदन करने वाले लोग भले ही चक्कर लगाते हों, मगर कर्मचारियों को इससे कोई सरोकार नहीं। यहां तैनात लोग मीठी नींद लेने में ही ड्यूटी पूरी करते नजर आते हैं। बुधवार को भी ऐसा ही एक नजारा उस समय देखने को मिला, जब पीएसके कार्यप्रणाली से परेशान आवेदक यहां पूछताछ के लिए पहुंचे, मगर टाटा कन्सटेंसी के कक्ष में बैठी एकमात्र महिला अफसर कंप्यूटर टेबल पर ही नींद ले रही थी। इस बाबत पीएसके के प्रशासनिक अधिकारी निखिल का कहना है कि आफिस में डयूटी टाइम पर सोना गलत बात है। डयूटी पर तैनात अधिकारी कुर्सी पर ही सोए और आवेदक परेशान हो, ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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