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गाजियाबाद में ही बिजली की मार

Ghaziabad Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले ज्यादा कटौती
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गाजियाबाद। प्रदेश की विद्युत मांग-आपूर्ति में 3500 मेगावाट का अंतर सबसे ज्यादा गाजियाबाद को सता रहा है। अन्य जिलों के मुकाबले गाजियाबाद में कटौती 4 घंटे अधिक है। जिले से सटे नोएडा में बिजली कटौती महानगर के मुकाबले लगभग आधी है। उद्योगों में आठ घंटे की कटौती के बावजूद रिहायशी क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर विद्युत आपूर्ति पर फर्क नहीं पड़ा है। पावर कारपोरेशन की मानें तो 20 दिन बाद आपूर्ति ठीक होगी। कानपुर, जहां सबसे ज्यादा विद्युत कटौती होना माना जाता है, वहां भी गाजियाबाद के मुकाबले दो घंटे कम कटौती है।
विद्युत आपूर्ति को व्यवस्थित करने के प्रयास जारी है। लोड को लगातार कम करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे रिहायशी इलाकों को बिजली दी जा सके। - पीके महेश्वरी,
मुख्य अभियंता (पावर कारपोरेशन)

इमरजेंसी रोस्टिंग खत्म मिलेगी कुछ राहत
गाजियाबाद। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने सोमवार से शहर में इमरजेंसी रोस्टिंग खत्म कर सेल्फ रोस्टिंग शुरू कर दी है। मुख्य अभियंता पावर कारपोरेशन ने प्रस्ताव भेजा था, जिस पर सोमवार को पीवीवीएनएल ने मोहर लगा दी। इससे बाशिंदों को 12 से 13 घंटे की जगह औसतन छह से आठ घंटे की कटौती का ही सामना करना होगा। आरडब्ल्यूए फेडरेशन गाजियाबाद के चेयरमैन कर्नल टीपी त्यागी ने सोमवार को मुख्य अभिंयता पीके महेश्वरी से मुलाकात की। इसके बाद सेल्फ रोस्टिंग लागू करने की मांग को मान लिया गया।
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