कॉलेज नहीं विवि जारी करेगा मेरिट लिस्ट

Ghaziabad Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में इस बार नई व्यवस्था के जरिए प्रवेश होंगे। 20 जून से शुरू हो रहे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद स्टूडेंट्स को कॉलेज में फार्म की हार्ड कापी नहीं जमा करनी होगी। ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर विवि कॉलेजवार ऑनलाइन मेरिट लिस्ट जारी करेगा। साथ ही यह लिस्ट कॉलेजों को भी भेजी जाएगी। स्टूडेंट्स का नाम जिस कॉलेज की मेरिट लिस्ट में होगा, उसे वहां जाकर एडमिशन लेना होगा। ऐसे में साफ है कि स्टूडेंट्स को अब कई कॉलेजों का प्रास्पेक्टस खरीदने की जरूरत नहीं होगी।
नए सत्र से सीसीएसयू के कॉलेजों में मेरिट को लेकर मारामारी की स्थिति नहीं होगी। विवि ने इस साल से प्रवेश प्रक्रिया की पूरी कमान हाथ में ले ली है। विवि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ कॉलेजवार मेरिट भी खुद ही जारी करेगा। स्टूडेंट्स द्वारा तीन कॉलेजों की च्वाइस के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी और उसको प्राथमिकता के आधार पर मेरिट में आने पर कॉलेज अलॉट कर दिया जाएगा। इस बदलाव से छात्र चाहे तो तीन कॉलेजों से प्रवेश फार्म खरीदें या फिर मेरिट जारी होने के बाद संबंधित कॉलेज से परीक्षा फार्म लेकर प्रवेश ले लें। कुलपति वीसी गोयल के मुताबिक एडमिशन नए साफ्टवेयर के जरिएहोगा।इससे स्टूडेंट्स की मेरिट लिस्ट निकाली जाएगी। विवि मेरिट कॉलेजों को भी भेजेगा और कॉलेज मेरिट लिस्ट चस्पा कर एडमिशन लेंगे।

प्रास्पेक्टस की बिक्री पर पड़ेगा असर
विवि की इस नई व्यवस्था की असर डिग्री कॉलेजों में प्रास्पेक्टस की बिक्री पर पड़ेगा। गाजियाबाद के कई कॉलेजों ने प्रास्पेक्टस की बिक्री शुरू कर दी है। चूंकि कॉलेज वार मेरिट विवि ही बनाएगा ऐसे में अब प्रास्पेक्टस की बिक्री कम होने की संभावना है।


कालेजों का रास नहीं आ रही विवि की प्रक्रिया
मेरठ। सीसीएसयू द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और विवि द्वारा ही मेरिट लिस्ट बनाकर देना कालेजों को रास नहीं आ रहा है। कालेजों का मानना है कि इससे फर्जी एडमिशन की समस्या आ सकती है। ऐसे में एडमिशन के समय विद्यार्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच करनी ही होगी। कालेजों के प्राचार्यों का कहना है कि छोटे कालेजों में तो ये सिस्टम कामयाब हो जाते हैं, लेकिन जहां छात्रों की संख्या अधिक है, वहां ऐसे प्रयोग सफल हो पाना मुश्किल है। मेरठ कालेज के प्राचार्य डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि इस प्रक्रिया के तहत सबसे बड़ी फर्जी एडमिशन की समस्या है। अंत में कालेज को छात्रों के प्रमाण पत्रों को वेरीफिकेशन करना होगा और गलत जानकारी देने पर एडमिशन निरस्त होंगे। विवि मेरिट लिस्ट में रिजर्वेशन (ओबीसी, एससी, गर्ल्स सीट) लेता है या नहीं, अभी यह भी नहीं स्पष्ट है। वहीं, वीसी का कहना है कि वेरीफिकेशन कालेजों को ही करना होगा। कोई समस्या आएगी तो उसे दूर किया जाएगा। फैसला सोच समझकर लिया गया है।

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