माफिया से मिलकर बेची 60 करोड़ की जमीन

Ghaziabad Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। तहसीलदार की मिलीभगत से निगम को अपनी 60 करोड़ की जमीन से हाथ धोना पड़ा। तहसीलदार ने माफिया के साथ मिलकर इस पर अवैध कालोनियां बसा दीं। जमीन को औने पौने दामों में बेच दिया गया। निगम की प्रारंभिक जांच में तहसीलदार को दोषी पाया गया है। निगम अधिकारियों ने इससे संबंधित पत्रावली शासन को भेज दी है।
नगर निगम की 20 बीघा जमीन पर माफिया का कब्जा हो गया। करीब चार साल तक इस पर प्लाट कटते रहे और मकान बनते रहे। झील-तालाब में मिट्टी भरकर आवासीय कालोनी बसा दी गईं, लेकिन निगम अफसरों को इसका पता नहीं चला। अमर उजाला ने इस प्रकरण का खुलासा किया।
नगर निगम और जीडीए की संयुक्त जांच में पाया गया कि माफिया ने साहिबाबाद पुलिस और निगम तहसीलदार की मिलीभगत से करीब 20 बीघा जमीन बेच डाली। नगर निगम की इस जमीन की कीमत करीब 60 करोड़ रुपये है। नगर निगम ने छह माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है, जबकि पुलिस और तहसीलदार की विभागीय जांच शुरू हुई है। उधर, आरोपी तहसीलदार अपना स्थानांतरण कराकर निकल गए।
नगर आयुक्त जितेन्द्र सिंह ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है। अफसर ने अपने ही विभाग से धोखा कर माफिया का साथ दिया। इसकी विभागीय जांच शुरू की गई है। पूरे प्रकरण की पत्रावली शासन को भेजी है। आरोपियों पर हर हाल में कार्रवाई होगी।
साहिबाबाद पुलिस की लापरवाही से एसएसपी को अवगत करा दिया गया है। इस संदर्भ में कप्तान प्रशांत कुमार का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।

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