सवा बीघा जमीन का विवाद भी था कारण

Ghaziabad Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
मसूरी में पिता-पुत्र की हत्या का मामला
दूसरी मां ने बेच दी थी जेल के पीछे की साढे़ पांच बीघा जमीन
जुल्फिकार ने बेची जमीन में सवा बीघा पर जमा रखा था कब्जा
मसूरी। पुश्तैनी जमी का विवाद भी डासना जेल पर फलों की दुकान चलाने वाले जुल्फिकार और उसके मासूम बेटे अजीम की मौत का एक कारण बना। जेल के पीछे करीब साढे़ पांच बीघा जमीन को जुल्फिकार की सौतेली मां इस्लामन ने अपनी ही बेटी को बेच दिया था। अपना भी बराबर का हक बताते हुए जुल्फिकार ने यहां करीब सवा बीघा जमीन पर कब्जा जमा लिया था। इस्लामन के दामाद नौशेर ने जमीन को कब्जा मुक्त कराने के नाम पर अपनी साली और सास दोनों से पैसे वसूले थे। नौशेर ने हत्यारोपियों को जुल्फिकार की हत्या के लिए उकसाया भी था।
पुलिस जांच में हत्याकांड की परतें खुल रही हैं। पुलिस का मानना है कि अभी कई ओर लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद है। एसओ मसूरी पीके सिंह ने बताया कि इस्लामन ने साढे़ पांच बीघा जमीन का सौदा 18 लाख रुपये में गाजियाबाद के एक लाला को कर दिया था। इसका जुल्फिकार ने विरोध किया था।
इस पर उसकी सौतेली मां ने अपने बडे़ दामाद नौशेर की मदद से जमीन अपनी ही छोटी बेटी बिट्टो को बेच दी थी। इसके बाद से ही जुल्फिकार ने उस पर अपना हक जताते हुए करीब सवा बीघा जमीन पर कब्जा जमा लिया था। नौशेर ने जुल्फिकार से जमीन कब्जा मुक्त कराने के नाम पर इस्लामन और अपनी साली बिट्टो से मोटी रकम वसूली थी। जब नौशेर को अमजद और अफजाल का पांच हजार के लेनदेन को लेकर जुल्फिकार से हुई लड़ाई का पता चला तो उसने दोनों भाईयों को जुल्फिकार के विरुद्ध उकसाया। पुलिस ने नौशेर को भी इस हत्याकांड में नामजद किया है। मंगलवार रात उसकी तलाश में कई जगह दबिश दी गई।

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