विज्ञापन

बेरहम वर्दीवाले

Ghaziabad Updated Sat, 02 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पुलिस ने गलत तरीके से पकड़ा और रॉड से पीटा था घुमंतू राजू और कैलाश को
विज्ञापन
कोर्ट की टिप्पणी
‘पुलिस वालों ने राजू को गलत तरीके से गिरफ्तार किया। उसे लोहे की रॉड और डंडों से पीटा। इससे उसकी जान चली गई। बहुत खोजने पर भी राजू का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला। पुलिसकर्मियों ने लावारिस में ही उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। पता नहीं कि मृत युवक के बूढ़े मां-बाप इंसाफ के लिए अब जिंदा हैं भी या नहीं। हैं तो कहां हैं? इस फैसले का मकसद तब भी पूरा हो जाएगा, जब इस तरह से कानून तोड़ने की मंशा रखने वाले पुलिसकर्मी इससे सबक लेंगे।’

गाजियाबाद/ खुर्जा। अपने हाथों लिखी पटकथा में बुलंदशहर पुलिस 17 बरस बाद क्रूर साबित हुई है। बेरहम वर्दीवालों ने अंतर्राज्जीय सड़क लुटेरे बताकर घुमंतू नौजवानों पर बड़ा जुल्म किया था। गलत तरीके से गिरफ्तार कर अमानवीय यातनाएं भी दी थीं। न सिर्फ 18 बरस के राजू की जान ले ली, बल्कि उसके खानाबदोश खानदान को भी उजाड़ डाला। पकड़े गए नौजवानों के जेवर क्षेत्र के गांव रघुनाथगढ़ नगला में डेरे थे, जहां से पुलिस ने लाठियां भांजकर उनके परिवारों को भी खदेड़ दिया था। देखते-देखते 17 साल बीत गए। कोर्ट ने पीड़ित कुनबेवालों को इंसाफ तो दे दिया है मगर राजू के परिवार के लोग कहां हैं, किसी को पता नहीं।
क्रूरता की इस कहानी की शुरुआत जेवर क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर गढ़ से हुई। यहां कुछ घुमंतू परिवारों ने डेरे जमाए थे। गांववालों के मुताबिक, राजू उन्हीं डेरों से ताल्लुक रखता था। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, खुर्जा कोतवाली, थाना खुर्जा देहात और थाना गुलावठी की संयुक्त पुलिस टीम ने अचानक चेकिंग में शिकारपुर रोड से 9 नौजवानों को दो ट्रकों के साथ पकड़ने का दावा किया था। राजू, कैलाश, भवनेश, कामता प्रसाद, रोहताश, अमरसिंह, महाराजसिंह, राधेश्याम और सतवीर की कथित मुठभेड़ में गिरफ्तारी दिखाई। हिरासत में अमानवीय यातनाओं से पर्दा राजू और कैलाश की हालत बिगड़ने के बाद उठा।
बाकी लोग तो पुलिस ने जेल भेज दिए और राजू को अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। राजू की मां रामकली ने इंसाफ की आवाज उठाई। अफसरों ने नहीं सुनी तो उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई जांच के आदेश दिए। सीबीआई जांच में पुलिसिया कारगुजारी सामने आ गई। जिन-जिन पुलिसवालों पर राजू को यातनाएं देने के आरोप थे, वे तबादलों पर इधर-उधर चले गए। सीर्बीआई ने उस समय संबंधित थानों में तैनात कितने ही पुलिसकर्मियों के बयान लिए तो मुठभेड़ कांड में शामिल वर्दीवालों का गुनाह सामने आता चला गया।
इस मामले की लंबी जांच के बाद सीबीआई ने युवकों से मारपीट करने वाले संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में सुनवाई का सिलसिला चला। गाजियाबाद सीबीआई विशेष अदालत ने अब छह पुलिसकर्मियों को दोषी करार देते हुए सजा दी है।


मुजरिम कौन-कौन
राजू की मां रामकली ने पुलिसकर्मियों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई सीबीआई जांच में पाया गया कि पुलिस ने राजू को गलत तरीके से पकड़ा था और उसे बहुत पीटा था। इससे उसकी मौत हो गई थी। शुक्रवार को कोर्ट ने खुर्जा देहात के तत्कालीन एसओ उमा शंकर, एसओ खुर्जा सिटी दीनानाथ मिश्रा और कांस्टेबल प्रमोद कुमार को 10-10 साल और तत्कालीन गुलावठी एसओ दाताराम नानोरिया, एसआई विश्वनाथ मिश्रा के साथ हेडकांस्टेबल रंजीत सिंह को 3-3 साल कैद की सजा सुनाई है। सुबूतों के अभाव में सिपाही मांगूराम को कोर्ट ने बरी कर दिया। दोषियों को डासना जेल भेज दिया गया है।

आखिर कहां गई राजू की मां ?
गाजियाबाद/ जेवर। राजू की मां यहां मौजूद होती तो कोर्ट का फैसला सुनने गाजियाबाद जरूर पहुंचती। गांववालों का कहना है कि कथित मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गांव से घुमंतुओं के डेरे उजाड़ दिए थे। फिर वे लोग कहां गए, इस बारे में किसी को कुछ भी मालूम नहीं है। राजू की वृद्ध मां का फिर क्या हुआ, इस बारे में न तो गांववालों को पता है और न बुलंदशहर पुलिस को। अदालत ने इस केस में इसीलिए पुलिस को लेकर गंभीर टिप्पणी की है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Bulandshahar

बदमाशों और होमगार्डों के बीच मुठभेड़, एक होमगार्ड घायल

बदमाशों और होमगार्डों के बीच मुठभेड़, एक होमगार्ड घायल

21 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

कार में जलकर AAP नेता की मौत, हत्या का शक

गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब भोपुरा-लोनी रोड पर एक आम आदमी पार्टी के नेता की कार में आग लग गई। इस हादसे में आप नेता नवीन दास की मौत  हो गई। मृतक के परिजनों ने हत्या का शक जताया है।

6 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree