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हनुमान चालीसा भी काम न आया

Ghaziabad Updated Fri, 25 May 2012 12:00 PM IST
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आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री
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कोर्ट का फैसला आते ही बेचैन हो उठे राजेश-नूपुर
गाजियाबाद। सीबीआई विशेष कोर्ट ने बृहस्पतिवार को जैसे ही आरोप तय किए जाने का आदेश सुनाया, नूपुर-राजेश बेचैन हो उठे। विचलित तलवार दंपति की निगाहें ऐसे मिलीं, जैसे आंखों ही आंखों में एक-दूसरे को दिलासा देने की कोशिश कर रहे हों। फैसले से पूर्व भी राजेश-नूपुर खासे टेंशन मेें नजर आ रहे थे।
राजेश तलवार बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में पहुंच गए। इसके चंद ही मिनट बाद कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस टीम नूपुर तलवार को लेकर कोर्ट पहुंची। दोपहर करीब सवा तीन बजे कोर्ट ने तलवार दंपति के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश सुनाया। फैसले के दौरान सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक आरके सैनी और बीके सिंह के अलावा, बचाव पक्ष से मनोज शिशौदिया और सत्यकेतु सिंह कोर्ट में उपस्थित रहे।
गुमसुम रहीं डा. तलवार
सीबीआई कोर्ट का आदेश सुनने के बाद तलवार दंपति गुमसुम सी नजर आई। जेल सूत्रों के अनुसार अन्य दिनों के मुकाबले नूपुर तलवार ने अपने बैरक में भी आज किसी से ज्यादा बात नहीं की और हनुमान चालीस का पाठ करती रही।
डा. राजेश ने भी वकीलों से की मंत्रणा
उधर डा. राजेश तलवार भी अपने वकीलों से मामले के संबंध में चर्चा करते दिखे। इससे पहले डासना जेल में बंद नूपुर तलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस टीम पिछले रास्ते से उसे कोर्ट तक लाई। जबकि राजेश तलवार भी पुलिस अभिरक्षा में ही कोर्ट में पहुंचे। राजेश की सास लता चिटरिन और कुछ रिश्तेदार भी साथ आए थे। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।
नूपुर इन जेल : अब तक
n 30 अप्रैल : जेएम सीबीआई कोर्ट में नूपुर का सरेंडर, कोर्ट ने जेल भेजा। अंतरिम जमानत अर्जी भी खारिज।
n 01 मई : सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में नूपुर की जमानत अर्जी पर 90 मिनट बहस, फैसला 2 मई तक सुरक्षित।
n 02 मई : सीबीआई न्यायाधीश एस. लाल ने नूपुर की जमानत अर्जी को खारिज किया।
n 03 मई : सीबीआई ने केस से संबंधित दस्तावेज सौंपे। डिफेंस ने दस्तावेजोें को अधूरा बताते हुए कोर्ट में याचिका दी। कोर्ट ने 9 मई की तारीख लगाई।
n 09 मई : दस्तावेजों को लेकर सीबीआई और बचाव पक्ष के बीच हुई 15 मिनट बहस, जेएम सीबीआई ने सुनाया सेशन कमिट का फैसला।
n 09/10 मई : एक ही रात में नूपुर ने अपनी कथित किताब ‘मिस्ट्री बिहाइंड आरुषि : ए स्टोरी बाय एन अनफोरच्यूनेट मदर’ के 17 पेज लिख डाले।
n 10 मई : जेल प्रशासन ने नूपुर के किताब लिखने पर लगाया प्रतिबंध, लिखे गए पेज भी कब्जे में लिए।
n 11 मई : डिफेंस ने सीबीआई विशेष कोर्ट में सीबीआई से मांगे दस्तावेज, कोर्ट ने 14 मई की तारीख दी।
n 14 मई : कोर्ट ने चार्ज पर बहस के लिए 16 मई की तारीख लगायी।
n 16 मई : डिफेंस को नहीं मिले दस्तावेज, चार्ज पर बहस के लिए कोर्ट ने लगायी 21 मई की तारीख।
n 21 मई : डिफेंस ने बहस को 15 दिन का समय मांगा, एक दिन मिला।
n 22 मई : चार्ज पर 30 मिनट सीबीआई, 2 घंटे डिफेंस ने की बहस, जारी।
n 23 मई : चार्ज पर बहस के बाद कोर्ट ने फैसला 24 मई तक के लिए रखा सुरक्षित।
n 24 मई : विशेष कोर्ट ने तलवार दंपति पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय करने के आदेश दिया।

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