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अब महिला आयोग पूछेगा.. लड़कियां कहां गईं ?

Ghaziabad Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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संप्रेक्षण गृह से लापता लड़कियों का मामला
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डीएम ने दिए जांच के आदेश


गाजियाबाद। राजकीय संप्रेक्षण गृह से रहस्यमय हालात में छह लड़कियों के गायब होने का मामला डीएम दरबार पहुंच गया है। इतना ही नहीं महिला और स्वयंसेवी संगठनों में इसे लेकर जबरदस्त गुस्सा है। महिलाओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर डीएम से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर डाली है। महिला संगठन शनिवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा के सामने मामले को उठाने की तैयारी में हैं। डीएम ने भी मामले की गंभीरता समझते हुए तत्काल जांच
समिति गठित करने का आश्वासन दिया है।
राजनगर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह से 23 महीने में 6 लड़कियों के गायब होने का समाचार शुक्रवार को अमर उजाला में छपा था। समाचार छपते ही सरकारी मशीनरी में हलचल मच गई। गीतांजलि वेलफेयर एजूकेशनल समिति के नेतृत्व महिलाओं ने सरकारी मशीनरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर लड़कियाें के गायब होने के मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर शनिवार को महिलाओं ने मामले को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा तक पहुंचाने का फैसला किया है। गीतांजलि वेलफेयर एजूकेशनल समिति की अध्यक्ष वंदना चौधरी ने बताया कि शनिवार को महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा गाजियाबाद आ रही हैं। इस मामले को उनके सामने रखा जाएगा। ममता शर्मा से घपले की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस मौके पर कौशल शर्मा, कुसुम, वंदना वर्मा और निर्मला शर्मा आदि मौजूद थी।



जांच पर उठे सवाल
लड़कियों के गायब होने के मामले की जांच पर भी सवाल उठे रहे हैं। जांच सिर्फ दफ्तराें में बैठकर ही पूरी की जा रही है। केयर होम के स्टाफ ने दावा किया है कि लड़कियों के गायब होने के मामले उनसे पूछताछ करने न तो पुलिस आई और न प्रशासनिक अफसर। उनका कहना है कि संप्रेक्षण गृह में कभी लड़कियों के रिकार्ड चेक करने कोई अफसर नहीं आया और न किसी ने उनका बयान दर्ज किया।



शिफ्ट हुआ संप्रेक्षण गृह
शुक्रवार को संप्रेक्षण गृह राजनगर के ही मकान नंबर 11/103 में शिफ्ट हो गया। तकरीबन एक महीने से मकान नंबर 3/62 की मकान मालिक से रेंट एग्रीमेंट को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की दखल के बाद किसी तरह मामला शांत हो पाया था। इस दौरान संप्रेेक्षण गृह की एक मात्र लड़की सोनी को एक एनजीओ की बिल्डिंग 2/1 में रखा जा रहा था।



राजकीय संप्रेक्षण गृह से लड़कियों के लापता होने का मामला बेहद गंभीर है। इसकी जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी। सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। यही नहीं जिम्मेदार अफसर या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। - अपर्णा उपाध्याय, डीएम, गाजियाबाद

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