बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

सलाखों में नूपुर

Ghaziabad Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बैक डोर से एंट्री चुपके-चुपके
विज्ञापन

तनाव दूर करने के लिए िकया दुर्गा पाठ, पढ़ा हनुमान चालीसा
नूपुर दबे पांव आई, वीआईपी पार्किंग में गाड़ी लगाई और पीछे से पहुंची कोर्ट

फूल सी आरुषि का खून हुआ था। संग-संग नौकर हेमराज का भी। कातिल कौन? जितने मुंह उतनी बातें। खूनी कहानी में पहले पुलिस उलझी, फिर सीबीआई। मर्डर एक मिस्ट्री बन गया। उतार-चढ़ाव आते रहे। सुर्खियां बनती रहीं। कानून की जंग चलती रही। केस नए मोड़ पर है। नौकर के साथ बेटी के कत्ल में मां डॉ. नूपुर तलवार पर आंच आ रही है। तारीखों के फेर में 30 अप्रैल ऐसी आई है कि नूपुर अचानक सलाखों के पीछे पहुंच गई हैं। नूपुर का क्या होगा? जमानत होगी या नहीं? आगे क्या होगा? सबको इंतजार है 1 मई यानी बुधवार का।


गाजियाबाद। अपनी ही बेटी के कत्ल के आरोपों से घिरी डॉ. नूपुर तलवार ने कोर्ट में साइलेंट एंट्री की। पूरे देश की निगाहें उन पर थीं। आरुषि मर्डर केस में कुछ नया होने वाला था, इसलिए कोर्ट कैंपस में मीडिया का मेला था तो सुरक्षा के उतने ही तगड़े इंतजाम भी। एहतियातन कोर्ट कैंपस में कैमरे तक रोक दिए गए थे।

अचानक पीला-सफेद सलवार सूट, चेहरे पर लाल फ्रेम का चश्मा लगाए नूपुर आई। सबका ध्यान कोर्ट के मुख्य द्वार की ओर था। इसी बीच नूपुर कोर्ट के बैक डोर से अंदर पहुंच गई। जिस कार में नूपुर कुछ परिजनों के साथ कोर्ट पहुंची थी, उसे भी चुपके से वीआईपी पार्किंग में खड़ा कर दिया गया था। नूपुर के साथ ही उनके पति डा. राजेश तलवार भी इसी मामले में नियमित पेशी पर कोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट में पति-पत्नी साथ बैठे रहे और बीच-बीच में एक-दूसरे से बात करते रहे।
नूपुर अपने कुछ करीबी साथियों से भी बात करती रहीं। जैसे, कानूनी हालात भांपकर आपस में आगे लिए मंत्रणा की जा रही थी।


बैरक नंबर-13
पहले से हैं 69 महिला बंदी
नूपुर तलवार को डासना जेल के बैरक नंबर-13 में रखा गया है। इस बैरक में बंद होने वाली वह 70वीं महिला हैं। 69 महिलाएं यहां पहले से बंद हैं। इनमें ज्यादातर दहेज उत्पीड़न के केस में बंद महिलाएं हैं। नुपूर ने खाने में किसी चीज की डिमांड नहीं की है। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज ने बताया कि नूपुर को मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उनका स्वास्थ्य सामान्य है। उन्हें आम बंदियों की तरह रखा गया है। उन्हें चादर, कंबल, कपड़े और बर्तन दिए गए हैं। बैरक में टीवी और पंखा रहेगा।


अर्जी खारिज होते ही रो पड़ी
गाजियाबाद। जेएम कोर्ट में जमानत अर्जी खारिज होने के बाद से ही नूपुर ने अपने बैग से पहले दुर्गा स्त्रोत निकालकर पढ़ा फिर हनुमान चालीसा का जाप किया। करीब चार घंटों तक नूपुर धार्मिक पाठ करती रही। बीच-बीच में वह अपने पति डा. राजेश तलवार और अन्य परिजनों से बात भी करती थी। सेशन कोर्ट में अंतरिम जमानत अर्जी पर चली करीब 40 मिनट की बहस के दौरान भी परिजन आंख बंद करके बार-बार प्रार्थना करते नजर आ रहे थे। इस दौरान नूपुर जेएम सीबीआई कोर्ट में ही बैठी रही। सीबीआई स्पेशल कोर्ट से जैसे ही अंतरिम जमानत अर्जी के खारिज होने की सूचना नूपुर को मिली, उसकी आंख से आंसू निकल पडे़। डबडबाई आंखों से परिजन नूपुर को दिलासा देते नजर आए। इसके बाद सीबीआई टीम नूपुर को लेकर डासना जेल की ओर रवाना हो गई।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us