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दो घंटे तक इलाज के लिए तड़पते रहे जच्चा-बच्चा

ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद Updated Tue, 23 May 2017 10:45 PM IST
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महिला ने एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया।
महिला ने एंबुलेंस में बच्‍चे को जन्म दिया।

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जिला महिला अस्पताल में मंगलवार को मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाला घटनाक्रम हुआ। गर्भवती और उसके तीमारदार गिड़गिड़ाते रहे लेकिन उसे खून की कमी बताकर भर्ती करने के इंकार कर दिया। गर्भवती ने गेट पर ही एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दे दिया। इस दौरान दो घंटे तक जच्चा-बच्चा एंबुलेंस में ही पडे़ रहे। उन्हें देखने चिकित्सक तो दूर नर्स तक नहीं आयी। बाद में तीमारदार जच्चा-बच्चा को घर ले गए।
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सत्यनगर निवासी अनीता देवी पत्नी राकेश कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर पड़ोसियों ने 108 नंबर पर फोन कर दिया। एंबुलेंस दोपहर 3.30 बजे गर्भवती  को जिला महिला अस्पताल लेकर आयी। 10 मिनट बाद ही डा. नीता गुप्ता ने उसे गंभीर बताकर आगरा रेफर कर दिया। वहीं, तीमारदार कहते रहे कि वह गरीब हैं। आगरा ले जाने के लिए पैसा नहीं। चिकित्सक ने 108 एंबुलेंस में शिफ्ट करा दिया। इसके कुछ ही देर बाद अस्पताल के गेट पर खड़ी एंबुलेंस में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। एंबुलेंस के स्टाफ की मदद महिला अस्पताल से दौड़ कर पहुंची। इस पर वार्ड आया ने ही महिला को संभाला और प्रसव कराया। इसके बाद भी डाक्टर एंबुलेंस पर नहीं आयी। दो घंटे तक जच्चा-बच्चा तपती धूप में एंबुलेंस में ही पडे़ रहे। बाद में 102 एंबुलेंस में शिफ्ट कराकर शाम करीब पौने छह बजे महिला और नवजात को घर भेज दिया गया।

 पड़ोसी लाए थे महिला को
फिरोजाबाद। गर्भवती महिला को पड़ोसी जिला महिला अस्पताल लाए थे। पड़ोसी अमर सिंह ने बताया कि अनीता के पति करीब छह महीने से बिना बताए बाहर चले गए हैं। प्रसूता के साथ आए अमरसिंह का कहना था कि हमारे पास सौ रुपये भी नहीं है। इसलिए आगरा नहीं ले जा पा रहे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
- मामला हमारे संज्ञान में आया है। हमने चिकित्सक से पूछा तो बताया कि महिला में हीमोग्लोबिन कम था। कई और भी समस्याएं थीं। फिर भी हम मामले की जांच कराएंगे।
डा. साधना राठौर, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
क्या कहते हैं चिकित्सक
- महिला में हीमोग्लोबिन कम था। हृदय में भी परेशानी थी। डिलीवरी तो नार्मल हो गई लेकिन महिला को ठीक इलाज मिल जाए। इसलिए रेफर किया गया था। गंभीर हालत में महिला को रोकते तो महिला के स्वास्थ्य के साथ खतरा हो सकता था।
डा. नीता गुप्ता, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक

तमाम हैं योजनाएं फिर भी अनदेखी
फिरोजाबाद। शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार जननी सुरक्षा योजना चला रही है। जिसमें अस्पताल में प्रसव होने पर रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा आशाओं से गर्भवतियों की ट्रेकिंग कराई जाती है। फिर भी अनदेखी हो रही है। 

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