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अमर उजाला अभियान: गांधी जयंती पर स्वच्छता का सच - सार्वजनिक स्थानों पर बने टॉयलेट गंदे, आसपास फैलती है दुर्गंध

Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 11:37 PM IST
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फिरोजाबाद। सार्वजनिक स्थानों पर बनाए गए टॉयलेट साफ नहीं किए जा रहे। टॉयलेट से गंदगी सड़कों पर बह रही है। गांधी जयंती को स्वच्छता से जोड़ते हुए विशेष सफाई अभियान पर जोर दिया जा रहा है लेकिन टॉयलेट नियमित रूप से साफ नहीं किए जा रहे हैं। बस स्टैंड, क्लब चौराहा, सुभाष तिराहा पर बने टॉयलेट नियमित रुप से साफ नहीं किए जा रहे हैं।
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बस स्टैंड: टॉयलेट साफ करने को पानी नहीं
बस स्टैंड परिसर में दो टॉयलेट बने हुए हैं। दोनों पर पांच-पांच सौ लीटर की टंकिया लगी हैं लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं है। लोग टोटियां तक उखाड़ कर ले गए। टायलेट की प्रतिदिन सफाई भी नहीं कराई जाती। गंदगी और दुर्गंध के कारण लोग इनका प्रयोग करने से बचते हैं।

सुभाष तिराहा: टंकी में नहीं रहता पानी
स्वच्छ अभियान के तहत नगर निगम द्वारा सुभाष तिराहा स्थित सर्विस रोड पर जिला अस्पताल की बाउंड्री के पास आठ माह पहले ही टॉयलेट बनवाया। पानी की टंकी के साथ नल की फिटिंग कराई गई है लेकिन टंकी में पानी नहीं रहता है।
शास्त्री मार्केट: टॉयलेट साफ करने को दुकानदारों ने रखा कर्मचारी
सदर बाजार स्थित शास्त्री मार्केट में बने टॉयलेट की सफाई की सुध नगर निगम ने नहीं ली तो आसपास के दुकानदारों ने सफाई के लिए कर्मचारी रख लिया। सदर बाजार में सेंट्रल चौराहा से लेकर नालबंद चौराहा तक केवल यही एक टॉयलेट है।
क्लब चौराहा: सफाई के लिए पानी की व्यवस्था नहीं
क्लब चौराहा स्थित ओवर ब्रिज के नीचे बने टॉयलेट में पानी की व्यवस्था नहीं है। ओवर ब्रिज के नीचे ठेल लगाने वाले लोग आपस में चंदा करके उसकी साफ सफाई कराने को विवश हैं। जिन दिन सफाई नहीं होती तो वहां पर खड़ा होना दुश्वार हो जाता है।
टॉयलेट की सफाई पर नगर निगम का नहीं ध्यान
क्लब चौराहा पर बने टॉयलेट की सफाई नगर निगम द्वारा नहीं कराई जाती, जो लोग यहां ठेल लगाते हैं। वहीं लोग आपस में चंदा करके दो या तीन दिन बाद यहां से गुजरने वाले टैंकर से पानी डलवाने के साथ ही सफाई कर्मचारी से सफाई करा लेते हैं।
रवि कुमार - क्लब चौराहा
तीन हजार रुपये पर एक सफाई कर्मचारी को रख लिया है। उसके द्वारा ही साफ की जाती है। निजी मोटर से टंकी भरवाई जाती है। नगर निगम की ओर से कोई सुविधा नहीं है। नौ ठेल लगते हैं। प्रत्येक से तीन सौ रुपये प्रति माह लिया जाता है।
मुकेश कुमार - शास्त्री मार्केट
बस स्टैंड पर टायलेट बना है। इसकी कभी भी सफाई आदि नहीं कराई जाती। रोडवेज विभाग द्वारा भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। आसपास कहीं टायलेट की व्यवस्था नहीं है। हवा के साथ दुर्गंध फैलती है।
बब्बू अग्रवाल, दुकानदार बस स्टैंड
टंकी में पानी न होने के कारण लोग टोटियां तक उखाड़ कर ले गए। दुर्गंध के कारण यहां एक मिनट खड़ा नहीं हुआ जाता। लेकिन मजबूरी में यहां ठेल लगाने के लिए विवश है कहीं और जगह भी नहीं है।
गौरेलाल, सुभाष तिराहा सर्विस रोड
बस स्टैंड के अंदर बने टॉयलेट घरों की साफ सफाई की जिम्मेदारी रोडवेज विभाग की है। उनका एक कर्मचारी भी तैनात है। वह क्यों नहीं कराते इसकी जानकारी नहीं है। टंकियों के भरने की जिम्मेदारी जलकल विभाग की है। नगर निगम के कर्मचारियों को नियमित टॉयलेट साफ करने के आदेश दिए गए हैं। गंदगी कहां से इसका जायजा लिया जाएगा।
दलवीर सिंह, जेडएसओ नगर निगम

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