भोले की भक्ति में डूबी सुहाग नगरी, शिवालयों में गूंजे जयकारे

Agra Bureauआगरा ब्यूरो Updated Fri, 21 Feb 2020 11:43 PM IST
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कैला देवी मन्दिर स्थित ओंकारेश्वर शिव मन्दिर में पूजा करती श्रद्वालुओं की भीड
कैला देवी मन्दिर स्थित ओंकारेश्वर शिव मन्दिर में पूजा करती श्रद्वालुओं की भीड - फोटो : FIROZABAD

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फिरोजाबाद। महाशिवरात्रि पर्व पर सुहाग नगरी में शुक्रवार को भक्ति की धूम रही। प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से भक्तों की कतारें लगी रहीं। भोले के भक्त बम-बम भोले के जयकारे लगाते रहे। श्री सिद्देश्वरनाथ महादेव मंदिर, पंचमुखी महादेव मंदिर गल्ला मंडी, राधा मोहन मंदिर मोहल्ला दुली, गोपाल आश्रम में भक्तों का तांता लगा रहा। शिवभक्तों ने दुग्धाभिषेक किया। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित किए। भक्तों ने व्रत रख कर भोले बाबा का पूजन किया। नगर निगम ने मंदिरों के बाहर रंगोली बनाई। सुरक्षा के भी इंतजाम रहे।
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गल्ला मंडी स्थित रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर
गल्ला मंडी स्थिति रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। मंदिर के गेट पर कुछ लोग बेलपत्र और फूल माला बेच रहे थे। श्रद्धालुओं को गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने टैंकर की व्यवस्था की थी। मंदिर के बाहर सड़क पर रंगोली सजी थी और चूना डाला गया। श्रद्धालुओं ने भोले का दुग्धाभिषेक किया। मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ के साथ ही फूल बंगला सजाया गया। श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया।

मोहल्ला गंज स्थित श्री सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर
सुबह सात बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग गया था। कोई शिव चालीसा पढ़ रहा था, तो कोई भगवान शिव का जलाभिषेक करने को आतुर था। मंदिर के बाहर साधु-संत लाइन लगाकर बैठे थे। महिलाएं बच्चों के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचीं। तो युवाओं की टोली कांच की शीशी में गंगाजल लेकर पहुंचीं। युवाओं ने विधि-विधान के साथ भोले का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर भगवान शिव के जयकारों से गूंज रहा था।
कैलादेवी मंदिर परिसर स्थित ओंकारेश्वर शिव मंदिर
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर में आना शुरू हो गया था। भगवान शिव के शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। दूर-दराज से लोग वाहनों से भोले और मां राजराजेश्वरी के दर्शन करने पहुंच रहे थे। पूजा-अर्चना का दौर दोपहर तक चलता रहा। शाम को आरती का आयोजन किया गया।
गोपाल आश्रम स्थित चिंता हरण महादेव मंदिर
चिंता हरण महादेव मंदिर गोपाल आश्रम पर भी भक्त पूजा-अर्चना करने पहुंचे। सुबह नौ बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ना शुरू हुई तो मंदिर भगवान शिव के जयकारों और घंटे घड़ियालों की आवाज से गूंजने लगा। लोगों ने आस्था और भक्ति के साथ भगवान शिव पर जल चढ़ाने के साथ ही मनोकामना पूरी करने के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की। दोपहर करीब 12 बजे तक पूजा-अर्चना होती रही।
चंद्रवार गेट स्थित शिव मंदिर
चंद्रवारगेट स्थित शिव मंदिर लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि मंदिर परिसर के अंदर बनी गुफा में आजादी के दौरान चंद्र शेखर आजाद ने अंग्रेजों से बचने के लिए शरण पाई थी। इसलिए इस मंदिर की शहर के अन्य मंदिरों से अलग ही आस्था है। यहां पर सावन माह में मेला लगता है। अन्य कार्यक्रम भी होते हैं। शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भीड़ से मंदिर भरा रहा। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में महिला कांस्टेबलों तैनात की गई थीं।
यहां भी दिखा आस्था और भक्ति का संगम
महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों के साथ कोटला रोड स्थित पथवारी माता मंदिर, कोटला मोहल्ला स्थित दुर्गा माता मंदिर, नई बस्ती स्थित दुर्गा मंदिर के साथ गांव और देहात के मंदिरों पर भी भक्त पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचे।

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