माफ होने की जगह बढ़ा कर्ज....

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Firozabad Published by: Updated Thu, 11 Jul 2013 05:30 AM IST

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फीरोजाबाद। सरकार के चुनावी वायदे के मोह पाश में फंसे किसान अब परेशानी में हैं। माफ होने की उम्मीद में उन्होंने ऋण का भुगतान नहीं किया और सरकार की कर्ज माफी स्कीम के दायरे में भी वह नहीं आए। नतीजन अब उन्हें अधिक ब्याज और पेनाल्टी के साथ ऋण का भुगतान करना पड़ रहा हैं।
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जिले में हर साल एक लाख से अधिक किसान बैंकों से फसली और अन्य कृषि कार्यों के लिए ऋण लेते हैं। सरकार की घोषणा के बाद किसानों को उम्मीद जगी कि उनका ऋण माफ हो जाएगा लेकिन प्रदेश सरकार से शासनादेश जारी हुआ तो किसान खुद को ठगा सा महसूस कर रहा हैं। सरकार ने केवल उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (पहले भूमि विकास बैंक) से ऋण लेने वाले किसानों का कर्ज माफ किया, इसमें भी जिन्होंने ऋण का दस फीसदी जमा कर दिया था, उन्हें ही लाभ मिला। इस घोषणा के बाद कुछ किसानों ने अपना ऋण जमा करना शुरू कर दिया लेकिन जिन्हें ठीक से योजना की जानकारी नहीं हुई, उन्होंने ऋण जमा नहीं किया। सहकारिता विभाग की ही बात करें तो करीब चार हजार से अधिक किसान ऐसे है, जो डिफाल्टर हो गए। ऋण माफ होने की उम्मीद में उन्होंने पैसा जमा नहीं किया। राष्ट्रीयकृत बैंकों में यह संख्या चालीस हजार से अधिक हैं।

-इस तरह से बढ़ा कर्ज का बोझ
डिफाल्टर हुए किसानों की पीड़ा को ऐसे भी समझा जा सकता है कि 50 हजार रुपये का कर्ज लेने वाले किसान को समय पर ऋण चुकाने पर दो हजार रुपये का ब्याज देना पड़ता। अब उसे 6500 रुपये ब्याज के रूप में देने होंगे। यानी 4500 रुपये अधिक अदा करने होंगे। इसी प्रकार 35 हजार रुपये कर्ज लेने वाले किसान पर 3150 रुपये का अतिरिक्त ब्याज पड़ेगा।

- किसानों का 50 हजार तक कर्ज माफ करने की घोषणा के समय नहीं कहा था कि केवल एलडीबी बैंक के बाकीदारों का ही कर्ज माफ होगा। यह किसानों के साथ धोखा हैं। -हेमंत प्रताप जिलाध्यक्ष बसपा
- सपा सरकार ने किसानों को और कर्जदार बनाया और किसानों को छला हैं। कुछ किसानों को लाभ हुआ लेकिन नुकसान बहुत अधिक किसानों को हुआ। किसान आगामी चुनाव में सबक सिखाएंगे। :-अरविंद पचौरी जिलाध्यक्ष भाजपा
किसानों एवं छात्रों के साथ धोखा किया। बेरोजगार और युवा पीढ़ी परेशान है। कानून व्यवस्था खराब हो गई है। जनता इसका जवाब मांगेगी। :-प्रेमचंद्र शास्त्री जिलाध्यक्ष कांग्रेस
प्रदेश सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। किसानों को बिजली नहीं मिल रही हैं। अब उन पर कर्ज माफ होने के बजाय और अधिक ब्याज दर की मार पड़ी है। :-चौधरी धर्मवीर यादव, मंडलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
बैंक प्रबंधकों का कथन
- लीड बैंक प्रबंधक अशोेक कुमार का कहना है कि गत वर्ष करीब 40 प्रतिशत यानी लगभग 40 हजार किसानों ने ऋण जमा नहीं कराया था। उन किसानों को अब 13.5 प्रतिशत की दर से ब्याज चुकाना पड़ रहा हैं। साढ़े छह प्रतिशत से अधिक ब्याज चुकानी पड़ रही है।
-सहायक आयुक्त एवं उप निबंधक सहकारिता केजी गुुप्ता कहना है कि किसान किसी भ्रम में न रहें। सहकारिता विभाग के बकाएदार किसी भी किसान का ऋण माफ नहीं होना हैं। ऋण माफी योजना सिर्फ एलडीबी (भूमि विकास बैंक) में ही लागू है।


नो-ड्यूज नहीं मिलने से अन्नदाता परेशान
फीरोजाबाद। जिन किसानों का ऋण माफ हुआ उन किसानों की हालत आसमान से गिरे खजूर पर अटके जैसी हो गई। भूमि विकास बैंक उन्हें नो ड्यूज देने में आना- कानी कर रहा है। यह किसान दूसरे बैंकों से भी ऋण नहीं ले पा रहे हैं। आर्यनगर स्थित ग्राम भूमि बैंक की शाखा पर प्रतिदिन काफी संख्या में किसान नो ड्यूज लेने के लिए आ रहे हैं लेकिन बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी उन्हें वापस कर देते हैं। बैंक के कार्य वाहक प्रबंधक लक्ष्मण सिंह चौहान का कहना है कि ऋण माफी वाले किसानों की सूची बना ली गई। शासन धनराशि दे तभी किसानों का खाता बंद होगा। खाता बंद होने पर ही नो ड्यूज दिया जाएगा। किसान आ रहे हैं उन्हें समझा रहे हैं। नो ड्यूज नहीं देना हमारी मजबूरी है।


ऋण माफी योजना में किसानों की शाखावार संख्या
बैंक शाखा किसानों की संख्या
फीरोजाबाद 1344
शिकोहाबाद 2037
जसराना 1492
हाथवंत 4038
सिरसागंज 1833
टूंडला 1265
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कुल किसान 12009
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