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पेट्रोल पंपों पर चल रही घटतौली

Firozabad Updated Wed, 13 Feb 2013 05:30 AM IST
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फीरोजाबाद। जिले में पेट्रोल एवं डीजल की घटतौली का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। इसे रोकने के लिए जिम्मेदार बांट- माप विभाग चुप्पी साधे है। जिले के कुछ पेट्रोल पंप संचालक खुद स्टाफ को चोरी करने को मजबूर करते हैं। पेट्रोल- डीजल नापने वाले कर्मचारियो का मानदेय कम मिलने से वह इसकी भरपाई उपभोक्ता को कम डीजल एवं पेट्रोल नापकर कर रहे हैं। इसका शिकार सरकारी विभाग भी हो रहे हैं।
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पेट्रोल एवं डीजल की घटतौली का खेल कोई नया नहीं है। गाड़ी का एवरेज कम देने के कारण कई बार तो मोटर कंपनियों तक शिकायतें पहुंच जाती हैं। घटतौली करने वाले सरकारी विभागों को भी नहीं बख्शते। वर्तमान में देखा जाए तो परिवहन निगम की बसों को डीजल अब डिपो से नहीं बल्कि सीधे पेट्रोल पंपों से मिल रहा है। क्योंकि तेल कंपनियों ने सरकारी विभागों की दरें एक साथ बढ़ा दीं। सरकारी विभागों को करीब दस रुपया बाजार से महंगा पड़ेगा। यही कारण है कि परिवहन निगम ने डीजल को सीधे कंपनियों से लेने के बजाय प्राइवेट पेट्रोल पंपों से लेना शुरू कर दिया है। परिवहन निगम के अधिकारी भले ही इसे सही फैसला मान रहे हों लेकिन परिवहन निगम के चालकों की मानें तो गाड़ियों का एवरेज पेट्रोल पंपों से डीजल लेने के कारण बिगड़ने लगा। नाम न छापने की शर्त पर एक चालक ने बताया कि पेट्रोल पंपों से डीजल कम नापा जाता है। डीजल में मिलावट होने की संभावना अधिक है।


करबला निवासी कांच कारोबारी पप्पू स्मॉल ने नगर के एक पेट्रोल पंप से 38 लीटर डीजल खरीदा था। डीजल में पानी की मिलावट की शिकायत की। पेट्रोल पंप के स्टाफ ने उसकी समस्या सुनने के बजाय धमकाने के साथ गाली गलौज की। व्यापारी ने किसी झंझट में फंसने के बजाय पेट्रोल पंप ही बदल दिया।

जैननगर खेड़ा निवासी इंजीनियर एससी अग्रवाल ने पेट्रोल पंप पर सुविधाएं न मिलने के कारण कंपनी से शिकायत की। कंपनी ने संज्ञान में नहीं लिया तो प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत की। परिणाम यह निकला कि पेट्रोल पंप संचालक को दस हजार का जुर्माना अदा करना पड़ा।


शिकोहाबाद डिपो में प्रतिमाह करीब सवा लाख लीटर डीजल की खपत होती है। सरकारी विभागों को कंपनियों की ओर से डीजल महंगा देने के कारण सीधे पेट्रोल पंपों से खरीदा जा रहा है। कंपनियों से सीधे लेने के कारण हर माह करीब दस से 12 लाख नुकसान हो रहा था। घटतौली का सवाल ही नहीं क्योंकि हम अपने मापकयंत्र से लेते हैं। यदि कोई शिकायत आएगी तो जांच करा लेंगे।
मदनलाल, उप प्रबंधक शिकोहाबाद डिपो

जनवरी 2013 में 16 स्थानों पर कार्रवाई की। फरवरी 2013 में कोई कार्रवाई नहीं की। पेट्रोल पंपों की चेकिंग की जानकारी अभी नहीं है। घटतौली की शिकायत मिलेगी तो च की जाएगी।

सुनील कुमार गुप्ता, बांट- माप निरीक्षक फीरोजाबाद

कंपनियों की ओर से खुद तीन माह बाद सैंपलिंग कराई जाती है। विभाग को सैंपलिंग कराने की फुरसत कम ही मिल पाती है। यदि कोई शिकायत मिलेगी तो विभाग जांच कराएगा। घटतौली रोकने का काम बांट -माप विभाग का है।
ओमप्रकाश, जिला पूर्ति अधिकारी।

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