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विकास के वायदे भूल गया बोर्ड

Firozabad Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
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टूंडला। जनता ने ऐसे प्रतिनिधि को चुना जो विकास कार्यों को प्राथमिकता दे। पानी, सफाई और बिजली की सुविधाएं मिलतीं रहे लेकिन चुनाव के छह माह बाद नगर में सफाई व्यवस्था चरमराई गई। पेयजल, स्ट्रीट लाइटों का अभाव है। जहां नाली- खड़जों की जरूरत है, वहां कार्य नहीं हो रहे और जहां जरूरत नहीं, वहां दोबारा कार्य कर धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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मिट्टी ठेकेदार ने निकाय चुनाव आने से करीब छह माह पूर्व से नगर के वार्डों की गली- गली में घूमकर लोगों की समस्याओं का समाधान कराना शुरू कर दिया था लेकिन छह माह में ही सारी बातें हवा हवाई हो गईं। 19 जुलाई 2012 को शपथ ग्रहण करने के बाद 30 जुलाई को पालिका बोर्ड की पहली बैठक में पेयजल, नगर की सफाई के प्रस्ताव। इसके बाद 19 सितंबर को हुई बैठक में शापिंग कांपलैक्स, फ्लड, स्ट्रीट लाइटें, ट्रैक्टर, ट्राली, फोगिंग मशीन आदि की खरीद, साफ- सफाई के लिए संविदा पर कर्मचारियों को रखने आदि प्रस्ताव रखे गए। इन प्रस्तावों पर कोई काम नहीं हुआ। पिछले छह माह में कुछ हुआ तो ट्रैक्टर, ट्राली, फोगिंग मशीन, टेंकर आदि की खरीद एवं बिना टेंडर हुए कुछ क्षेत्रों में नाली- सड़क का निर्माण। नई आबादी वाले क्षेत्र विकास से दूर हैं। शमशान घाट के पीछे व सूर्य नगर, न्यू शिवनगर, टूंडली, मनी की मढै़या, कच्चा टूंडला, गुलाब नगर आदि क्षेत्रों में मार्ग बदहाल हैं।


यह थे प्रमुख प्रस्ताव
*पेयजल के लिए ओवरहैड टैंक का निर्माण
* ट्रैक्टरों व ट्रालियों की खरीद, पानी के टैंकर, फोगिंग मशीन की खरीद
* जल निकासी के लिए नाली निर्माण व गलियों में इंटरलोकिंग कार्य
* वार्डों में स्ट्रीट लाइटें
* संविदा पर सफाईकर्मियों की नियुक्ति
*पालिका में आरओ मशीन, नए फर्नीचर, रंगरोगन का कार्य


*कुल सभासद-25
*सभासदों की स्थिति-
भाजपा-10
सपा व बसपा समर्थित व निर्दलीय- 15

तेरहवें वित्त से दो किश्त करीब 70 लाख रुपये प्राप्त हो चुका है। उससे दो ट्रैक्टर, टाली, फोगिंग मशीन, टैंकर आदि खरीदे गए हैं। पानी निकासी के लिए नालों के निर्माण का टेंडर हो चुका है। पेयजल टंकी निर्माण के लिए दोबारा प्रस्ताव भेजा गया है। विविध वार्डों में इंटरलोकिंग, नाली निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है। जैसे-जैसे धन आएगा विकास कार्य कराए जाएंगे।
रामवती देवी, पालिकाध्यक्षा


पद की आड़ में अपना व्यवसाय चलाया जा रहा है। अवैध खनन पर किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है। पालिकाध्यक्ष नगर के विकास के प्रति पूरी तरह उदासीन है। चहेतों के अलावा अन्य मोहल्लों में सफाई, पेयजल व प्रकाश व्यवस्था ध्वस्त है। नगर की जनता परेशान है।
पुष्पा मौर्या, पूर्व पालिकाध्यक्षा।

पालिका परिषद का अध्यक्ष पद अब कमाई का साधन बन गया है। नगर की जनता को विकास के नाम पर ठगा जाता है। जीतने के बाद चुने हुए प्रतिनिधि किए वादों को भूल, कमाई में लग जाते हैं। जनता द्वारा सौंपी गयी जिम्मेदारी को पूरी लगन व ईमानदारी से पूरी करनी चाहिए।

पं. रामसहाय शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष

नगर के चहुंमुखी विकास के लिए योजनाएं तैयार कर कार्य करने की जरूरत है। बच्चों व वृृद्धों के लिए एक पार्क, नगर के वीआईपी मार्ग पर फुटपाथ एवं पानी के लिए चार टंकि यों की जरूरत है। इसके साथ सख्ती से साफ- सफाई व विकास कार्यों पर ध्यान देना होगा।
सुरेशबाबू धाकरे, रि.कर्नल एवं समाजसेवी

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