बीपीएल कार्डों को लेकर सड़क पर आए उपभोक्ता

Firozabad Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
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फीरोजाबाद। एपीएल कार्ड को बीपीएल में बदलने की धांधलेबाजी को लेकर नई आबादी के लोगों में आक्रोश फैल गया। सपा नेता के साथ क्षेत्रीय लोगों ने राशन डीलरों की घेराबंदी कर हंगामा किया। आक्रोशित उपभोक्ताओं का आरोप था कि एपीएल कार्ड को बीपीएल बनाने की जो सूची प्रशासन को भेजी जा रही है, उस सूची में पात्र लोगों के नाम नहीं है।
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शासन की तरफ से जनता को अधिक राशन देने के लिए विधवा तथा विकलांग लोगों के राशन कार्ड को एपीएल से बीपीएल करने का क्रम चल रहा है। इस प्रक्रिया की जानकारी लोगों को हुई तो वह कार्ड बदलवाने में लग गए। प्रक्रिया में सूचीबद्ध लोगों के एपीएल कार्डों पर ही संबंधित क्षेत्र के राशन डीलर द्वारा बीपीएल की मुहर लगानी है। राशन डीलरों द्वारा समस्या का निदान न किए जाने और कुछ राशन डीलरों के न मिलने पर शुक्रवार दोपहर रामगढ़, मदीना कालोनी, नूर नगर, हबीबगंज, दीदामई, अजमेरीगेट के उपभोक्ताओं में आक्रोश पनप गया। लोग सपा नेता इमरान मंसूरी के साथ कश्मीरीगेट में राशन की दुकान संचालित करने वाले अली मोहम्मद की दुकान पर पहुंचे यहां ताला लगा मिला। इसके बाद उपभोक्ता हबीबगंज स्थित राशन डीलर वारिस अली के घर पर पहुंच गए। राशन डीलर के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी की। वहीं हाजी याकूब खां व शमसाद राशिद डीलर जनता को नहीं मिल सके। लोगों का आरोप था कि राशन डीलरों ने अक्तूबर माह का राशन वितरण नहीं किया है, जबकि नवंबर माह का राशन तीन चार दिन में वितरण के लिए आ जाएगा।
राशन की होती है कालाबाजारी
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। जब हक पर डाका पड़ा तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया। हक की मांग को लेकर राशन डीलरों के घर पहुंची महिलाओं का आरोप था कि डीलर हर माह दुकान बदल देते हैं। इस कारण उनको पिछले तीन माह से राशन नहीं मिल सका है। पिछला राशन देने की मांग डीलर से की जाती है तो डीलर देने से मना कर देता है।
राशन डीलराें का घेराव करने पहुंची नरगेश का आरोप था कि उनको पिछले दो माह से राशन नहीं मिला है। राशन डीलर हर माह दुकान को बदल देता है। इससे यह जानकारी नहीं होती कि दुकान कहां पर है और राशन का वितरण कब किया जा रहा है।
सावरा बेगम का आरोप था कि सितंबर माह का राशन नहीं मिला। राशन डीलर हाजी याकूब से अक्तूबर में राशन मांगा गया तो उसने देने के मना कर दिया। पति की मौत के बाद वह बीपीएल कार्ड धारक की श्रेणी में आती हैं। इसके बाद भी उनका नाम शामिल नहीं किया जा रहा है।
कुछ यही कहना है सावरा, मुन्नी, नफीसा, नाजिर, तसलीम का। इन लोगों का आरोप है कि राशन डीलर गुपचुप तरीके से राशन का वितरण कर लेते हैं। जो लोग राशन लेने से वंचित रह जाते हैं। उनका राशन कालाबाजारी करके बेच दिया जाता है।
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