कैसे सफल होगी कैश ट्रांसफर योजना

Firozabad Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
फीरोजाबाद। केंद्र सरकार भले ही गरीबों के हित के लिए कैश ट्रांसफर योजना शुरू करने जा रही हो लेकिन आम आदमी का मानना है कि इससे कोई फायदा होने वाला नहीं है। पेंशन धारकों को अभी पेंशन ही समय से नहीं मिलती तो फिर सब्सिडी का पैसा कैसे खातों में पहुंचेगा। विभागों के साथ ही बैंकों की मनमानी और अधिक बढ़ जाएगी। पैसे का बंदरबांट हो जाएगा।
गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए केंद्र सरकार सब्सिडी देने के बजाय यह धनराशि सीधे उनके खातों में भेजने की तैयारी कर रही है। सरकार की इस नई व्यवस्था से आम आदमी सहमत दिखाई नहीं दिया। शासन की ओर से पेंशन की धनराशि समय से ट्रांसफर की जाती हो, लेकिन लाभार्थी को यह धनराशि आवंटन के दो से तीन माह बाद ही मिल पाती है। विकलांग, विधवा एवं वृद्धावस्था पेंशन धारकों को मिलने वाली पेंशन दीपावली से करीब बीस दिन पहले ही विभागों को मिल गई, लेकिन इन गरीबों के खातों में धनराशि एक माह बीतने के बाद भी नहीं पहुंच सकी। रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना की धनराशि भी दीपावली से पूर्व ही मिल गई थी लेकिन इसे अभी तक खातों में नहीं भेजा। रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना के पात्र हरी सिंह पिछले बीस दिनों से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। छात्रवृत्ति का भी यही हाल है। बैंकों के द्वारा 0 बैलेंस पर खाते नहीं खोले जाते हैं। स्टाफ अभाव के कारण बैंक पहले से ही जूझ रही हैं। यदि सीधे सब्सिडी ट्रांसफर की गई तो प्रत्येक बैंक पर काम का बोझ दोगुना होगा।

रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना 20123
विधवा पेंशन 17447
विकलांग 7523
वृद्धावस्था पेंशन 14553
बीपीएल कार्डधारक 53752
अंत्योदय कार्डधारक 32580
नए बीपीएल कार्डधारक 81139
गैस कनेक्शन धारक साढ़े तीन लाख के करीब

दो माह की कवायद पर नहीं खुले खाते
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। डीएम एसवीएस रंगाराव के लगातार मानीटरिंग करने के बाद भी जिले के 70 हजार से अधिक अल्पसंख्यक छात्रों के खाते अभी तक नहीं खुल सके हैं। स्कूल सभी छात्रों के खाते खुलने की ओके रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं। जब अल्पसंख्यकों के खाते नहीं खुल पा रहे हैं तो फिर इतनी बड़ी संख्या में रसोई गैस कनेक्शन धारकों एवं आमजन के खाते कैसे खुल सकेंगे।

छात्रवृत्ति के 40 हजार नए खाते
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। समाज कल्याण विभाग के सूत्रों की मानें तो प्रतिवर्ष 35 से 40 हजार के करीब छात्रवृत्ति के बैंकों में नए एकाउंट खोले जाते हैं। विभाग पिछड़ा वर्ग, एससी एवं सामान्य वर्ग को कक्षा नौ के बाद खातों में छात्रवृत्ति की धनराशि भेजता है। जबकि अल्पसंख्यकों की कक्षा एक से ही छात्रवृत्ति खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है।

गांव में राष्ट्रीयकृत बैंकें न होना बड़ी दिक्कत
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। ग्रामीण अंचल में राष्ट्रीयकृत बैंकों के न होने के कारण सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। मनरेगा योजना, विधवा, विकलांग, वृद्धावस्था पेंशन, रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना की धनराशि आसानी से ट्रांसफर नहीं हो पाती है। छात्रवृत्ति ट्रांसफर में इसी तरह की दिक्कत आ रही है।

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