अंधेरे में डूबे गांवों में वायदों का उजाला

Firozabad Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
फीरोजाबाद। जनपद के देहात क्षेत्रों को दस घंटे बिजली देने के आदेश तो कर दिए गए हैं लेकिन तमाम ऐसे गांव हैं जहां अभी तक बिजली की रोशनी नहीं पहुंची है। कई गांव ऐसे हैं जहां बिजली पर्याप्त नहीं मिल रही है। बिजली के खंभे लगे हैं लेकिन केबिलें नहीं खींची। ग्रामीणों को इस बात की पीड़ा है कि चुनाव के वक्त बडे़-बडे़ वादे किए जाते हैं बाद में सब भूल जाते हैं। यह एक त्रासदी ही है कि जहां बिजली के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। जनपद के तमाम गांव में शाम ढलने पर बल्ब नहीं लैंप या दीए जलते हैं।

अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। जसराना के नगला कांस, नगला रंजीत, नगला कुंड, मढै़या, नगला धोबिन, पुल की सराय, भीकनपुर आदि प्रमुख हैं। वहीं बरथरा में खंभे लगने एवं तार खींचने के बाद भी लोगाें को आपूर्ति नहीं मिल रही है। तीन गांव विद्युतीकरण से वंचित हैं। ग्रामीणों की मानें तो जहां विठवारा में आधे गांव में तार खींचे है और आधे गांव में लोग अवैध विद्युत का उपभोग कर रहे हैं। नगला रंजीत एवं नगला कांस में विद्युत के तार और खंभे ही नहीं हैं। नगला कांस में पांच लोगों के कटिया कनेक्शन होने के बाद भी तार नहीं खींचे गए हैं। गांव के लोगों ने पास लगे नलकूपों से तार खींच कर अपना काम चलाना शुरू कर दिया है। गांव नगला रंजीत के ग्रामीण आज भी बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।
एका क्षेत्र के गांव धरमपुर, नगटपुर, नगला पसी, श्यामपुर, तेजपुर, मोहनपुर, नगला स्वेटास राजपुर में गांव वालों ने देश की आजादी के बाद से अब तक बिजली का बल्ब जलते नहीं देखा है। खेतीबाड़ी के लिए गांव के लोग इंजन से पानी लेते हैं। शाम ढलते ही घर-घर में कैरोसिन की लैंप जल जाती है।
नारखी ब्लाक के गांव गढ़ी गोदी में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया था। दोपहर तक एक वोट नहीं पड़ा था तब तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने विद्युतीकरण का आश्वासन देकर वोटिंग शुरू कराई थी। पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। गांव के लोग शाम होते ही लैंप या दीपक की रोशनी करने को मजबूर होते हैं। इसी ब्लाक के गांव सिंंघपुर में भी बिजली नहीं है। सिरसागंज क्षेत्र में नसीरपुर के गांव इंदरगढ़, नगला कोठी, नगला पथरी, मुबारकपुर आदि ऐसे गांव हैं जिनमें अभी तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है। नानेमऊ ठार का आलम ये है कि गांव में दूर-दूर तक बिजली के खंभे नहीं हैं। ग्रामीणों के पास विद्युत उपभोग के बिल पहुंच रहे हैं। सलेमपुर, श्याम नगर व दोहिया में बिजली के पोल सालों से पडे़ हैं लेकिन अभी तक उन पर तार खिंचने का काम नहीं लग रहा है। ऐसा ही हाल नगला ख्ंागर गांव चंदरई, परिहारमऊ, नगला तुला, नगला दौर, नगला चंद्रहंस, नगला महाराम, सूखाताल, नगला ताल, ठार टुंडे, ठार भोगी, नगला पीरिया, नगला बृाहमण, मढै़या सीसीया, नगला धनपाल, गलपुरा, ठार सुरजीत, भदान नगला ताल, मई स्वरूपपुर ऐसे गांव हैं जहां अभी तक विद्युत सप्लाई का पहुंचना सपना बन चुका है। कठफोरी क्षेत्र में नगला मंथे, नगला महासुख, नगला रामसुख चन्नू की ठार, कोठरे की ठार में भी विद्युत सप्लाई लोगों की पहुंच से दूर बनी हुई है।

नेता सिर्फ वोट मांगने आते हैं
बिठवारा गांव की रामबेटी ने बताया कि गांव में चालीस वर्ष पहले विवाह में होकर आईं थीं तब से लेकर आज तक वोट मांगने आए नेताओं ने वादे तो किए लेकिन बिजली कोई लेकर नहीं आया। गांव के किशनपाल ने कहा पिछले लोकसभा चुनावों में बसपा प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल ने गांव के बाहर खंभे डलवाए और विद्युतीकरण का वायदा किया लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद ही खंभे भी लोगों ने चुराने शुरू कर दिए।

ट्रैक्टर की बैटरी से मोबाइल करते चार्ज
गांव नगला रंजीत एवं नगला कांस के ग्रामीण ओमप्रकाश, डालचंद्र, रामवीर ने कहा कि गांव के प्रधान भी विद्युतीकरण के लिए कोई प्रयास नहीं करते। गांव के लोग ट्रैक्टर की बैटरी से मोबाइल चार्ज करते हैं। वहीं विद्युत के अभाव में टीवी न देख पाने का मलाल लोगों को सता रहा है। गांव नगला कांस के श्याम सिंह और रामफल ने भी व्यवस्था को कोसा। गांव विठवारा के प्रधान ने कहा विद्युतीकरण उनके अधिकार में नहीं हैं।

सांसद सूची ले गए बिजली नहीं दी
एका के गांव धरमपुर निवासी राजकुमार कहते हैं कि चुनाव के वक्त गांव में बिजली के खंभे लाकर डाल दिए थे लेकिन विद्युतीकरण को मंजूरी नहीं मिली। एका क्षेत्र के गांव नगटपुर के मुन्नी लाल और राम नरेश ने कहा कि चुनाव के वक्त बिजली के खंभे गांव में लाए गए थे। चुनाव के बाद उठा लिए गए। गांव श्याममपुर के बबलू, सतीश और लाखन सिंह ने वेदना के साथ कहा गांव में बिजली का बल्ब जलते नहीं देखा। एक बार सांसद राज बब्बर आए थे। गांव को सूची ले गए थे लेकिन बिजली आज तक नहीं मिली।

अभी भी गुलामी का अंधेरा
नारखी ब्लाक के गढ़ीगोदी के भूपेंद्र सिंह, प्रेमपाल सिंह, भुवनेश कुमार, सत्येंद्र सिंह, सतपाल वाल्मीकि का कहना है कि कई बार आंदोलन किए लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ है। हमारे क्षेत्र को अभी आजादी नहीं मिली। सिंघपुर के धर्मेंद्र पाल सिंह, नन्हे सिंह, मुनींद्र पाल सिंह, शिव सिंह तथा बृजेश कुमार का कहना है कि हरे दल धोखा दे रहा है। गांव में बिजली के खंभे लग गए लेकिन केबलें आज तक नहीं खींची हैं।

दूसरे गांव से चार्ज होता मोबाइल
सिरसागंज क्षेत्र में नगला महासुख निवासी गीतम सिंह ने बताया कि हर बार नेताते हैं और ग्रामीणों को बिजली का सपना दिखा जाते हैं राजेश यादव ने बताया कि गांव में लोगों के पास मोबाइल तो हैं लेकिन उन्हें चार्ज करने के लिये लोगों को कठफोरी जाना पड़ता है। प्रवेंद्र राजपूत ने ग्रामीणों की समस्याओं को उजागर करते हुए बताया कि गांव में न तो बिजली है और न ही गांव तक पहुंचने का रास्ता सही है।

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