कब्जा न छोड़ने पर तीन माह की सजा

Firozabad Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
जसराना। एसडीएम के आदेश के बाद भी पट्टे की जमीन पर कब्जा न छोड़ना तीन लोगों को भारी पड़ गया। पट्टेधारक द्वारा दर्ज कराए अभियोग पर सुनवाई करते हुए उपजिलाधिकारी ने तीन माह की सजा सुनाने के साथ एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना एका के गांव वावनवारी के होतीलाल को तहसील प्रशासन द्वारा गाटा संख्या 4539 में भूमि का आवंटन किया था। लेकिन उसको कब्जा नहीं मिल सका। 22 जून 2011 को होतीलाल ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर गंाव के ही ओसपाल एवं रेवती सिंह निवासी रामनगर एवं सुरेंद्र निवासी हरीपुर अलीगढ़ पर उसकी भूमि पर कब्जा करने की शिकायत की थी। एसडीएम के आदेश पर थाना एका में तीनों लोगों के खिलाफ जमीन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जेल जाने के बाद भी उक्त लोगों ने कब्जा नहीं छोड़ा। ट्रायल के दौरान एसडीएम द्वारा कई बार कब्जा छोड़ने के लिए निर्देशित किया गया। दोनों पक्षों को सुनने एवं अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर उपजिलाधिकारी बीआर मिश्रा ने पट्टे की जमीन पर कब्जा करने का दोषी मानते हुए सजा सुना दी। एसडीएम ने कब्जा करने का दोषी मानते हुए ओसपाल एवं रेवती सिंह को तीन-तीन माह के कारावास के साथ एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर पंद्रह दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। एसडीएम ने कहा कि पुलिस द्वारा दो लोगों पर आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

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