खुले में शौचमुक्त की श्रेणी में आया केशवपुर

अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर Updated Thu, 10 Mar 2016 12:51 AM IST
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केशवपुर गांव में स्कूली छात्रा को पुरस्कृत करते डीएम राजीव रौतेला
केशवपुर गांव में स्कूली छात्रा को पुरस्कृत करते डीएम राजीव रौतेला - फोटो : अमर उजाला

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खुले में शौच मुक्त गांवों की श्रेणी में केशवपुर भी शामिल हो गया है। बुधवार को तेलियानी ब्लाक के इस गांव में पहुंचे डीएम राजीव रौतेला ने ग्रामीणों को सराहा। साथ ही इस मुहिम के भागीदार स्कूली बच्चों को सम्मानित भी किया। गांव मेें संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
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डीएम राजीव रौतेला यहां शाम चार बजे प्रशासनिक लावलश्कर के साथ पहुंचे। गांव में खुले में शौच बंद होने पर खुशी जाहिर करने के साथ ही 11 व 12 मार्च का केशवपुर मेें 50 सफाई कर्मचारी भेजकर गांव को साफ-सुथरा बनाने की बात कही। इसके साथ ही उन्होेंने बच्चाें की बेहतर तालीम पर जोर दिया। बोले- ‘बच्चे देश का भविष्य हैं, वह तहेदिल से उनके शुक्रगुजार हैं, क्योंकि प्राइमरी स्कूल के इन बच्चों ने गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने की दिशा में अहम सहयोग किया है।’


डीएम ने गांव का निरीक्षण करने के साथ ही टीचरों को समय का पाबंद रहने की हिदायत दी। बच्चों से बोले कि यदि टीचर स्कूल न आएं तो उन्हें टेलीफोन से जानकारी दें। 15 मार्च को स्वच्छता दिवस व राष्ट्र प्रेम दिवस मनाने की भी जानकारी दी। इस मौके पर सीडीओ रामाश्रय, सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय, एसडीएम सदर विवेक श्रीवास्तव, मनरेगा उपायुक्त आरपी मिश्रा, पीडी आरके गौतम आदि मौजूद रहे।

 खुले में शौच प्रथा को रोकने लिए प्रशासन ने स्कूली बच्चों का भी सहारा लिया है। प्रशासनिक निगरानी समिति और स्कूली बच्चों के प्रयास का ही नतीजा है कि इस दिशा में सरायं शहिजादा गांव को क्लीन चिट मिल चुकी है।
प्रशासनिक निगरानी समिति के साथ स्कूली बच्चों ने इस प्रथा को खत्म करने का बीड़ा उठाया है। बच्चे न केवल खुद व बड़े-बुजुर्गों को शौचालय का प्रयोग करने की नसीहत दे रहे हैं। ऐसा न करने वालों को सबक भी सिखा रहे हैं।

पिछली बार प्रधान रहीं प्रतिभा शुक्ला ने गांववालों को टायल्सयुक्त शौचालय देने की शुरुआत की थी। यह योजना पूरी हो चुकी है। प्रतिभा को पिछले साल टायल्सयुक्त शौचालय व ग्राम समाज की जमीन को कब्जामुक्त कराने पर रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। डीएम राजीव रौतेला कहते हैं कि इस दिशा में जारी प्रयास रंग ला रहे हैं। खुले मेें शौचमुक्त गांवों के मामले में फिलहाल फिरोजबाद अव्वल है। अपना जिला पांचवें पायदान पर है। कोशिश है इसे कम से कम तीसरे स्थान पर लाने की। इसके लिए गांवोंवालों को अपनी सोच बदलनी होगी।

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