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इंजीनियर अजय की हत्या ठेकेदार का भुगतान रोकने पर हुई थी

अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 23 May 2019 12:45 AM IST
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engineer - फोटो : engineer
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इंजीनियर अजय की हत्या पुल के निर्माण कार्य में लगे फिरोजाबाद के ठेकेदार का भुगतान रोक देने की वजह से हुई थी। हत्याकांड के आठ दिन बाद बुधवार तड़के पुलिस ने हसवा मोड़ के पास से ठेकेदार के मेठ मुखिया और उसके साथी लंबू को गिरफ्तार किया। मुखिया के पास से बाइक, तमंचा व कारतूस की बरामदगी दिखाई गई है। मुख्य साजिशकर्ता ठेकेदार, शार्प शूटर समेत तीन की तलाश में पुलिस टीम छापा मारी कर रही है।
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पुलिस लाइन में एसपी कैलाश सिंह ने बताया कि फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी मलखान सिंह के बेटा अजय सिंह करीब दो साल से रेलवे फ्रेट कॉरीडोर के प्रोजेक्ट में लगी जीएमआर कंपनी में इंजीनियर थे। अजय पुलों के निर्माण की गुणवत्ता रिपोर्ट बनाते थे। कंपनी में फिरोजाबाद के हनुमानगंज थाना क्षेत्र निवासी आयुष शर्मा पुत्र विष्णु प्रकाश शर्मा ठेकेदार था। कुछ माह पूर्व पुलों का निर्माण गुणवत्तापूर्ण न मिलने पर ठेकेदार का का करीब एक करोड़ का भुगतान रुक गया था। मेठ के हवाले से एसपी ने बताया कि ठेकेदार पर मजदूरों का करीब आठ लाख रुपये बकाया था। इसके अलावा सप्लायरों का भी बकाया था। काफी प्रयास के बाद भी भुगतान न होने पर ठेकेदार आयुष ने अपने कार चालक इटावा के जशवंतनगर थाना क्षेत्र के निलोई गांव निवासी मनीष पुत्र रामनारायण जाधव और मेठ खागा के पांभीपुर गांव निवासी मुखिया पुत्र जगरूप के साथ मिलकर इंजीनयर की हत्या की साजिश रच डाली।
हत्याकांड को अंजाम देने के लिए चालक मनीष ने अपने रिश्तेदार शातिर बदमाश फिरोजाबाद के जगजीवन नगर थाना दक्षिण गली नंबर तीन निवासी सुुनील जाधव से संपर्क साधा। उसे इंजीनियर की हत्या की सुपारी दी। उधर, मेठ मुखिया ने शहर कोतवाली क्षेत्र के मऊ गांव निवासी ओम प्रकाश उर्फ लंबू लोधी से संपर्क किया। लंबू से मुखिया ने हत्याकांड में मदद के बदले में ठेकेदार से नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
हत्या वाले दिन यानी 14 मई को सुबह करीब आठ बजे तमंचों से लैस होकर दो बाइकों से चारों (मनीष, सुनील, मुखिया, लंबू) कानपुर-इलाहाबाद के एकारी मोड़ पर पहुंचे। मनीष हाईवे पर इंजीनियर की बोलेरो आने का एकारी मोड़ पर इंतजार करने लगा। बाकी तीनों एकारी मोड़ से करीब एक किमी. दूर एकारी गांव (जीएमआर प्लांट) के पास खड़े थे। करीब नौ बजे बोलेरो आते देखकर मनीष साथियों के पास पहुंच गया। बीच रोड में बोलेरो रुकवाई। मनीष और सुनील चेहरा ढंके थे। ठेकेदार आयुष घटनास्थल से कुछ दूर खड़ा था।
मुखिया ने कबूलनामे में बताया कि चारों बोलेरो चालक से मारपीट करने लगे। सुनील ने डंडे से बोलेरो में हमला किया। तभी मनीष ने तमंचा से इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने  के बाद एक बाइक में लंबू, मनीष और दूसरी बाइक में सुनील, मुखिया शहर की ओर भागे। शांतिनगर एएस इंटर कालेज के पास लंबू  कुछ दिन बाद संपर्क करने की बात कहकर उतर गया। दोनों बाइकों से तीनों अस्ती की ओर पहुंचे। यहां बाइक खड़ी कर मनीष और सुनील, मुखिया को छोड़कर फरार हो गए। दूसरी बाइक और मोबाइल मनीष और सुनील के पास होने का पता लगा है। । खुलासे में एएसपी पूजा यादव, सीओ सिटी केडी मिश्रा,थरियांव सीओ रामप्रकाश, थानेदार संतोष शर्मा, स्वॉट टीम प्रभारी अमित पांडेय, एसपी पीआरओ धीरेंद्र सिंह, सर्विलांस से बीएल यादव शामिल रहे।
इनसेट
शहर में इंजीनियर की हत्या के लिए लगाई थी घात  
फतेहपुर। शहर के तांबेश्वर चौराहे पर एक गेस्ट हाउस में इंजीनियर अजय कुमार सिंह रहते थे। इंजीनियर की हत्या का प्लान ठेकेदार ने मई माह की शुरूआत में बना डाली खी। फिरोजाबाद से सुनील 11 मई को आ गया था। शहर में ही पहले घटना को अंजाम देने की साजिश रची थी। गेस्ट हाउस के आसपास रेकी की गई थी। उसके बाद इंजीनियर के शाम को कमरे आते समय हत्यारोपी घात लगाकर खड़े थे। उस दिन मौका नहीं मिला था। दूसरे दिन दोबारा हत्या की योजना बनाई। गेस्ट हाउस के पास में शादी समारोह का आयोजन था। तब भी प्लान कैंसिल करना पड़ा। मर्डर शहर में हुआ होता तो वारदात और भी सनसनीखेज हो जाती।
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ठेकेदार का परिवार फैक्ट्री मालिक
हत्यारोपी आयुष शर्मा का परिवार फिरोजाबाद में कारोबार में अच्छी खासी संपत्ति वाला माना जाता है। ठेकेदार दो भाई हैं। एक भाई ग्लास फैक्ट्री का काम देखता है। परिवार में ठेकेदारी का काम काफी पुराना है। आयुष के पिता भी ठेकेदारी करते हैं। फिरोजाबाद में पुलिस ने छापेेमारी की। वहां परिवार के करीबी सदस्यों से मुलाकात नहीं हो पाई।
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सुनील के तीन भाई भी हैं शातिर बदमाश
हत्याकांड को अंजाम देने के लिए फिरोजाबाद से बुलाए गए सुनील जाधव पांच भाई हैं। इसमें तीन बड़े भाइयों के खिलाफ थाना दक्षिणी में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनसे इलाके के लोग भय खाते हैं। सुनील भी भाइयों के साथ आपराधिक वारदातों में शामिल रहत है
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एडीजी केस की लगातार करते रहे मॉनीटरिंग
प्रयागराज एडीजी एसएन साबत इंजीनियर की हत्या के बाद से लगातार केस की मॉनीटरिंग करते रहे । एडीजी केस के बारे में प्रतिदिन टीमों से प्रगति रिपोर्ट जानते थे। एडीजी ने बताया कि फरार हत्यारोपियों की तलाश में संबंधित थानों से संपर्क किया गया है। उनकी लोकेशन पता की जा रही है। वह भी जल्द पकड़े जाएंगे।
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पुलिस ने दबाव में किया खुलासा-संजय
इंजीनियर के भाई संजय प्रधान ने बताया कि पुलिस ने दबाव में हत्याकांड का खुलासा किया है। उसके भाई की हत्या का मास्टरमाइंड ठेकेदार और उसके साथी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। परिवार में दहशत का माहौल है। पुलिस ने खुलासे के बारे में जानकारी भी नहीं दी है। वह पुलिस से प्रकरण में बातचीत करेंगे।

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