धान की गुणवत्ता खराब होने से गिर गई धान की कीमत

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2020 12:09 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
फतेहपुर। जिले के सबसे अधिक क्षेत्रफल में बुआई किए जाने वाले संकर धान की गुणवत्ता जहां मौसम के कारण गिरी है वहीं दाम भी इस बार गिर गए हैं। पिछले साल की अपेक्षा 600 से 700 रुपये कीमत गिर गई है। व्यापारी और राइस मिलर्स इसकी वजह धान की गुणवत्ता खराब होना बता रहे हैं। चावल में सरकार के मानक से अधिक टूटन निकल रहा है। राइस मिलर्स इस बार धान लेने से पहले नियमों में बदलाव कराने की मांग उठा रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में अब तक जो फसल कट चुकी है, उसमें 80 फीसदी संकर धान और 20 फीसदी अन्य धान की फसल है। संकर धान की फसल को बेचने के लिए किसान क्रय केंद्र में तो जा रहे हैं, लेकिन वहां पर धान की गुणवत्ता पर सवाल उठा कर उन्हें लौटाया जा रहा है। पिछले साल संकर धान की कीमत 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल रही थी। इस बार आढ़ती और राइस मिलर्स उसी संकर धान को 1100 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल में खरीद रहे हैं।
......
पानी की कमी से धान हुआ खराब
संकर धान की ज्यादातर प्रजातियां 90 से 100 दिन की रहती हैं। इस बार खरीफ के सीजन में न तो लगातार मानसूनी बारिश हुई और न ही गर्मी कम हुई। इस वजह से धान की बालियों में दूधा से बनने वाला चावल मजबूत नहीं हो सका है। यही वजह है कि इस बार धान से चावल निकालने में 70 फीसदी तक टूटन निकली है। जबकि सरकार ने एक क्विंटल चावल में चार प्रतिशत टूटन का मानक बनाया है। राइस मिल में धान जब आए तो उसमें 17-18 प्रतिशत नमी होनी चाहिए। जब इस बार नमी 12-13 फीसदी ही नमी है। राइस मिलर्स इन्हीं मानकों की जांच कराने का मुद्दा उठा रहे हैं।
........
फसल के समय खेत में नहीं रही पर्याप्त नमी
केवीके थरियांव के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जिले में इस बार पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। धान की फसल वाले खेत में नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन कम बारिश होने की वजह से खेत की मिट्टी में नमी नहीं रही है। गर्मी का असर भी अधिक रहा है। इसी वजह से धान की गुणवत्ता में कमी आई है। बालियां निकलने के समय तेज हवा चलने की वजह से भी पैदावार प्रभावित हुई है।
.........
एक क्विंटल धान का सरकारी मानक
धान बेचने के समय नमी 17 प्रतिशत होनी चाहिए। पुआल, कार्बनिक दो प्रतिशत, टूटन चार प्रतिशत, कच्चा तीन प्रतिशत, अन्य मिश्रण छह प्रतिशत, चावल 67 प्रतिशत होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X