फिर थम गया रात में मशीनों का शोर

Fatehpur Updated Fri, 06 Jul 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। औद्योगिक क्षेत्र बिजली की रात कटौती से फिर जूझने लगे हैं। यह हालात फिलहाल अड़तालिस घंटे पहले से शुरू हुए है। नतीजा रात की शिफ्ट बंद हो गई हैं। इससे न सिर्फ उत्पादन पर असर पड़ने लगा है बल्कि ओवर टाइम करने वाले सैकड़ों कामगार भी इसका शिकार हुए हैं।
महीने भर पहले जिले के चौडगरा व सौंरा औद्योगिक क्षेत्र में रात की कटौती होने से कुछ ऐसा ही असर पड़ा था। सप्ताह भर में ही मिल/ फैक्ट्री के उत्पादन में आधी कमी आ गई थी। यूनिट प्रबंधन के आगे आने के बाद व्यवस्था पटरी पर आई थी। बुधवार की रात से यह फिर बेपटरी हो गई। रात को दस बजे बत्ती गुल हो जाती है जो दूसरे दिन की सुबह छ: बजे आती है। इससे पूर्व की तरह यह क्षेत्र एक बार फिर से रात में साइलेेंट जोन में तब्दील नजर आने लगा है। इस नई कटौती से न सिर्फ यूनिटों के उत्पादन पर असर पड़ा है वरन कामगार भी खाली हाथ हो गए हैं। चौडगरा क्षेत्र में आधा दर्जन से ज्यादा यूनिटें रात के समय चलती रहंी हैं जिनमें बड़ी तादाद में कामगार को काम मिलता रहा है। अब काम बंद होने से रात की नौकरी करने वाला यह तबका कहीं का नहंी रहा है। केवल वहीं कामगार फिलहाल निश्चिंत है जो ओवर टाइम करते रहे। उन्हें सुबह की शिफ्ट में काम मिल रहा है जिससे खर्च में दिक्कतें नहंी उठानी पड़ रही है। साईं के अशोक कुमार ने बताया उसने सुबह व देर दोपहर की शिफ्ट में काम मांगा लेकिन उसे नहंी दिया गया। इधर पांच दिन से ही वह काम पर गया था और बिजली रात में नाटक करने लगी। अल्लीपुर के प्रमोद कहते है औद्योगिक क्षेत्र का यहां की जनता लाभ नहंी उठा पा रही हैं। बाहर के मजदूर रात में ड्यूूटी नहीं करते हैं। ऐसे में स्थानीय मजदूरों का ही हक मारा जा रहा है। सौंरा क्षेत्र का भी कमोबेश यहीं हाल है। रात दस बजे से सुबह छ: बजे तक गुल रहने वाली बिजली सारा दिन नखरे की ले रही है। इसका असर औद्योगिक इकाईयों पर सीधे पड़ रहा है। उधर एक्सईएन आर रंजन कहते है जो आपूर्ति ऊपर से मिल रही है वो मुुहैया कराई जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र को पर्याप्त आपूर्ति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

क्या कहते हैं यूनिट हेड
रेकॉन- यूनिट हेड योगेश गुप्त कहते है उद्योग को करारा झटका लग रहा है। उनकी यूनिट प्लास्टिक के पाइप बनाती है। रात की कटौती से उत्पादन आधा रह गया है। यहंी स्थित रही तो यूनिट बंद करने की नौबत आ जाएगी।
पैनम- लोहे के पाइप बनाने वाली यूनिट के हेड एसएन बाजपेई उदाहरण पेश करते है अगर वह दो सौ टन माल एक दिन में बनाते है। उन्हें टेक्निकल लेबर की दरकार होती है। चूंकि गांव में मनरेगा चल रही है इसलिए लेबर को आधे समय की तनख्वाह भी देने का मतलब झटका खाने से है।
कृष्णा इंडस्ट्रीज- यूनिट हेड कहते है उनकी यूनिट में तिरपाल बनते हैं। पहले भी इसी प्रकार से रात की कटौती ने उत्पादन को आधा करने का काम किया था। कुछ दिन के लिए राहत रही बाद में फिर से वहीं रोना शुरू हो गया।
क्लासिक पाइप- प्लास्टिक के पाइप बनाने वाली यूनिट के हेड शेखर सिंह बताते है एक शिफ्ट पर ही काम हो रहा है। रात दस बजे से सुबह छह बजे तक मशीनें खामोश रहती हैं। यह खामोशी उद्योग पर भारी पड़ रही है।
क्या कहते हैं सांसद
सपा सांसद राकेश सचान उद्योग को चौबीस घंटे बिजली मिलनी चाहिए। उन्हें ऐसी जानकारी नहंी है। फिर भी बता दे कि यह संकट सूबे भर का है। जब तक बारिस नहीं होती बिजली संकट से पार पाना आसान नहंी है। बिजली की डिमांड बढ़ने से सरकार भी मजबूर है। वैसे प्रयास हो रहेे हैं कि इस क्षेत्र को समस्या से दूर कर दिया जाए।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी पुलिस का खौफनाक चेहरा कैमरे में कैद

फतेहपुर में एक बार फिर पुलिस का खौफनाक चेहरा सामने आया है। यूपी पुलिस के सिपाही ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। पुलिसवाले ने युवक की पिटाई इसलिए कर दी क्योंकि युवक की बाइक से सिपाही को टक्कर लग गई।

17 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper