सदर अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा, लौट रहे मरीज

Fatehpur Updated Tue, 12 Jun 2012 12:00 PM IST
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फतेहपुर। सदर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से चिकित्सा व्यवस्था पर खासा असर पड़ रहा है। मरीज और तीमारदार सभी इससे परेशान हैं। हाल यह है कि सदर अस्पताल में इस समय 16 चिकित्सक हैं, जिसमें से पांच नदारद हैं। दूर-दूर से आने वाले तमाम मरीजों को डॉक्टर के मिलने पर बैरंग लौटना पड़ रहा है।
सदर अस्पताल में करीब आधा दर्जन चिकित्सक पहले से ही कम हैं, इधर इसमें और इजाफा हो गया है। चिकित्सकों की कमी से अस्पताल की सेवाएं पंगु होकर रह गई है। ओपीडी में बने चिकित्सकों के नौ चैंबरों में उमड़ने वाली रोगियों की भीड़ में से तमाम बिना डॉक्टरों को दिखाए ही लौट जाते हैं। जानकारी के मुताबिक इस समय सदर अस्पताल में 16 चिकित्सक तैनात हैं, जिनमें से दस की सेवाएं अस्पताल को नहीं मिल पा रही है। रेडियोलाजिस्ट दो माह से नदारद है। अस्पताल प्रशासन ने उन पर कार्रवाई भी की लेकिन वह नहीं आ रहे है। महत्वपूर्ण सर्जन का पद चिकित्सक के तबादले के बाद खाली पड़ा है। दो चिकित्सक छुट्टी पर चल रहे हैं। एक चिकित्सक ज्चाइंन करने के बाद गए तो दोबारा लौट कर नहीं आए, जो चिकित्सक हैं उनमें से किसी को पोस्टमार्टम की ड्यूटी करनी है तो किसी को नाइट ड्यूटी संभाली होती हैं जाहिर सी बात है कि ये चिकित्सक न तो ओपीडी संभालेंगे और न ही वार्ड में जाकर मरीज को समय दे पाएंगे।
उधर, इस बाबत सीएमएस डॉ. यतींद्र नाथ तिवारी मानते है चिकित्सकों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है। केवल आधा दर्जन चिकित्सक ही अस्पताल का काम संभाल रहे हैं। अस्पताल में सर्जन न होने से सर्जिकल रोगी को परेशानी उठानी पड़ रही है। रेडियोलोजिस्ट को कई चेतावनी दी गई लेकिन उनकी सेहत पर कोई असर नहंी पड़ा है। चिकित्सकों की कमी और तैनाती के बावजूद नदारद रहने वाले चिकित्सकों के बारे में महकमे के बड़े अफसरों को जानकारी दी जा चुकी है।

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