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दसवें दिन भी नहीं खुला कुटी का ताला

Fatehpur Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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फतेहपुर। बाबा राम नारायणदास कुटी मेें पूजा अर्चना का काम दसवें दिन भी नहीं हुआ। जबकि प्रशासन कुटी का सर्वराकार है। मत्था टेकने पहुंचे भक्त शनिवार को भी निराश हुए। भक्ताें में जितनी नाराजगी देवी देवताओं को ताले में जड़कर भागे पुजारी पर हैं, उतनी ही नाराजगी प्रशासनिक उदासीनता को लेकर है।
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शहर के शांतीनगर स्थित एएस इंटर कालेज के सामने प्राचीन कुटी है। तत्कालीन डीएम रहे प्रभात कुमार के कार्यकाल के दौरान इस कुटी का सर्वराकार प्रशासन हो गया था। बाबा गणेश दास जी ने वर्र्ष 2000 में कुटी का ट्रस्टी प्रशासन को बना दिया था। गणेश दास जी की मौत के बाद उनके भाई रामचंद्र ने चार साल तक कुटी में पूजा पाठ कराई। राम चंद्र के बाद उनके पुत्र राजन चतुर्वेदी ने छ: माह के लिए पुजारी का दायित्व निभाया।
इसके बाद वर्ष 2006-07 में प्रशासन ने कुटी मेेें राम प्रताप सिंह को पुजारी का जिम्मा सौंपा। साल भर बाद पुजारी के रूप में भोला द्विवेदी आ गए। वह दो साल तक रहे। उनके बाद अनिल तिवारी को कुटी की चाबी सौंप दी गई। बीती 25 अप्रैल की रात उक्त पुजारी सामान समेट कर भागने लगा तो उसे इलाकाई लोगों ने देख लिया और पुलिस व प्रशासन को सूचना दे दी। पुजारी ने उसके बाद सामान रख दिया और देवी देवताओं को ताले में जड़कर भाग खड़ा हुआ। तब से यहां पर पूजा अर्चना का काम ठप है।
लगातार नौ दिन से निराश कुटी से बगैर दर्शन लौट रहे भक्तों को आज दसवें दिन भी निराशा हाथ लगी। राकेश कुमार कहते हैं पुजारी के भाग जाने के बाद से प्रशासन सो रहा है जबकि कई बार जानकारी दी गई। पंकज कुमार कहते हैं भगवान को ताले के कैद से आजाद करने के लिए प्रशासन आगे नहीं आ रहा है। यह स्थित तब है जब वह खुद कुटी का सर्वराकार है। जितेंद्र ने बताया वह रोज कुटी में मत्था टेकता रहा है इधर दस दिन से वह ताला के अंदर कैद भगवान को देखने को तरस रहा है। एक महिला के साथ मत्था टेकने आई गुड़िया नाम की युवती ताला देखकर अवाक रह गई।
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चार माह से था भागने की फिराक में
फतेहपुर। बाबा नारायणदास कुटी का पुजारी अनिल तिवारी चार माह से कुटी के पूजा पाठ से दूर था। उसकी पत्नी कांती यहां का जिम्मा संभाले थी। वह कानपुर के किसी मंदिर का पुजारी बन गया था। पड़ोसी रश्मि बताती हैं पुजारी की गतिविधियां संदिग्ध थी।
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पुजारी ने महिला प्रवेश को दिखाया ठेंगा
फतेहपुर। बाबा नारायणदास कुटी में जिस कमरे में देवी देवताओं की मूर्तियां विराजमान हैं। वहां पर महिला का प्रवेश वर्जित है। इसके अलावा वहीं पुरुष अंदर प्रवेश कर सकता है जो जनेऊधारी हो। पड़ोसी ऋषि मिश्र कहते हैं अनिल तिवारी ने अपनी पत्नी कांती को प्रवेश दिलाया। इसका विरोध किया गया लेकिन वह अपनी हरकत से बाज नहीं आया।
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आज खुल जाएगा ताला
फतेहपुर। एसडीएम सदर सत्य प्रकाश राय कहते हैं मामला संज्ञान में है। उन्होंने कानपुर से पुजारी को बुलाया है। वह रविवार को आकर कुटी का ताला खोेलेगा। उसी दिन नया पुजारी रख दिया जाएगा।
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