ग्रामीण क्षेत्रों की जलापूर्ति बदतर

Fatehpur Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
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फतेहपुर। ग्रामीण क्षेत्र में पेय जलापूर्ति की हालत बद से बदतर है। गांवों में जलापूर्ति की लिए बनाई गई चालीस ग्राम समूह पेयजल योजनाओं में 11 लंबे समय से खराब पड़ी हैं। ऐसी में भीषण गरमी के मौसम पीने की पानी की समस्या गंभीर होना स्वाभाविक है। जो ग्राम समूह पेयजल योजनाएं चालू भी हैं, वह भी पर्याप्त बिजली आपूर्ति ने मिलने के कारण लोगों की प्यास बुझाने में असफल साबित हो रही हैं। जिले में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए ग्रामीम क्षेत्रों में बनाई गई ग्राम समूह पेयजल योजनाएं फिलहाल लोगों की प्यास बुझाने में सफल नहीं हो पा रही हैं। कुओं का अस्तित्व समाप्त होने के कारण जिले के मोहम्मदपुर गौंती, कटोंघन, नंदवा, सुल्तानपुर घोष. अल्लीपुर, गढ़ा, शिवपुरी, खखरेडू, अहमदपुर कुसुंभा, धाता, पौली, उकाथू, छिवलहा, संवत, कुल्हडिया, सिठौरा, बंदीपुर, शाहपुर, अकबरपुर चोराई, सरांय साबा, मोहलिया, मदुरी, दपसौरा, देवरी बुजुर्ग, मडरांव, जाफरगंज, औंग, सौंरा, अमौरा, डीघ, असोथर, थरियांव, ललौली, भिटौरा, गाजीपुर, हुसैनगंज, चौहट्टा,पंथुवा में सालों पहले ग्राम समूह पेयजल योजनाएं लगाई गई थीं। प्रशासन की उपेक्षा से वर्तमान समय में थरियांव, पंथुवा, मदुरी, दपसौरा, देवरी बुजुर्ग, मडरांव, मोहम्मदपुर गौंती, कंटोघन, सुल्तानपुर घोष, पौली सालों से खराब पड़ी हैं, जिससे इनसे जलापूर्ति होने वाले गांवों में पीने के पानी की किल्लत वैसे तो साल के हर महीने में बनी रहती है, लेकिन गरमी के मौसम में तो भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। खास बात तो यह है इन गांवों में ग्राम समूह पेयजल योजना होने के कारण प्रशासन हैंडपंप लगाने और खराब हैंडपंप ठीक कराने के प्रति उदासीन रहता है। ऐसी हालत में यहां पर लगे ज्यादातर हैंडपंप खराब पड़े हैं। इसके बावजूद प्रशासन योजनाओं को ठीक कराने को लेकर पूरी तरह से उदासीन बना है, जबकि गरमी के मौसम में इन गांवों में लोगों को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा।
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चुनाव बाद बजट लाने का प्रयास
फतेहपुर। अधिशासी अभियंता जलनिगम आनंदमूर्ति श्रीवास्तव का कहना है कि पुरानी योजनाएं हैं, जिससे डैमेज हो चुकी हैं। बजट के अभाव में मरम्मत नहीं हो पा रही है। चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद बजट लाने का प्रयास किया जाएगा। अगर बजट मिलता है, तो सभी पेयजल योजनाएं चालू कराई जाएंगी।
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