मौसम की यह बेरुखी डाक्टरों का पता नहीं

Fatehpur Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
फतेहपुर। सरकारी अस्पताल में रविवार को इलाज सपना बन कर रह गया है। इस दिन यहां मरीज/घायल को लाना खतरे से खाली नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से इमरजेंसी सेवाएं ताले मेें जकड़ी नजर आती हैं। ऐसे में जरूरतमंद को फर्स्ट एड तक की सुविधा मयस्सर नहीं होती है। अमर उजाला के प्रयास से बीते महीनों में ‘छुट्टी की घुट्टी पिलाने’ की प्रथा पर विराम लगा रहा। इधर, फिर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उदासीनता बढ़ने से रविवार को सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं मिलना बंद हो गईं हैं। जहां यह मिल भी रही हैं तो कुछ देर कि लिए। ऐसे में मरीज अथवा घायल को रविवार सरकारी अस्पताल लाना खुद खतरे में घंटी बजाना है। बताते चले कि दो जून 2013 को कानपुर के मंगला बिहार निवासी एक बालक खजुहा स्थित अपनी ननिहाल आया था। जो निचली गंगा नहर में नहाने के दौरान डूब गया था। रिश्तेदार, बालक को पीएचसी खजुहा ले गए थे लेकिन इमरजेंसी में ताला लटका होने की वजह से बालक को तत्काल उपचार नहीं मिल पाया था। जिसके बाद उसे बिंदकी सीएचसी ले जाया गया था। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया था। नजीर के तौर पर पीएचसी असोथर की इमरजेंसी में सारा दिन ताला बंद रहा। पीएचसी बहुआ की इमरजेंसी का भी हाल था। सीएचसी खखरेड़ू के तो और भी बुरे हाल थे। यहां पर मरीज अथवा घायल की खैरख्वाही के लिए एक भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। पीएचसी खजुहा में 12 बजे के बाद इमरजेंसी सेवाएं ठप्प हो गईं। जिसके चलते इन स्वास्थ्य केेंद्रों में आए जरूरतमंदों को मायूस होकर लौटना पड़ गया।
विज्ञापन

कोट
- पीएचसी व सीएचसी में रविवार को एक चिकित्सक का रहना अनिवार्य किया गया है ताकि इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होने पाए। उक्त पीएचसी व सीएचसी के नदारद चिकित्सक व स्टॉफ पर दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मुरारी प्रसाद वर्मा, सीएमओ, फतेहपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us