छूमंतर होंगी किसानों की समस्याएं

Fatehpur Updated Thu, 21 Nov 2013 05:42 AM IST
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फतेहपुर। एक दशक से भी अधिक समय से बंद चल रहे 122 नलकूप दिसंबर के अंत तक पानी उगलना शुरू कर देंगे। शासन की ओर से सात करोड़ के स्पेशल पैकेज की पहली किश्त 30 लाख 53 हजार नलकूप विभाग को मिल चुकी है, विभाग ने उक्त रकम विद्युत विभाग को हस्तांतरित कर दिया है। बुधवार को सांसद राकेश सचान ने पत्रकारों से कहा कि करीब दो साल से विद्युत दोष से बंद चल रहे 145 नलकूपों में 122 नलकूपों को नए ट्रांसफार्मर रखाकर चालू करा दिया गया है। अभी तक 23 नलकूप दुरुस्त नहीं हो सके हैंष इनको भी ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। सांसद ने अधिशासी अभियंता नलकूपों को तत्काल सभी नलकूप चालू कराने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि जिले की दपसौरा पंप केनाल आठ माह से बंद थी, जिसे चालू करने के लिए उन्होंने 20 नवंबर तक समय निर्धारित किया था, जिसे नलकूप विभाग ने 17 नवंबर को ही चालू कर दिया है। इसके अलावा बहादुरपुर, भिटौरा, पथरी, गलाथा पंप कैनाल पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। इससे जिले के किसानों का सिचाई के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो रही है। उन्होंने कहा कि एक दशक से भी पहले से जिले 122 नलकूप बंद थे। इनको िवभाग ने डेड समझ लिया था। इन्हें चालू कराने के लिए उन्होंने सीधे सीएम से वार्ता की और उन्होंने सात करोड़ रुपए का विशेष पैकेज जारी करने का आदेश पारित किया है। पैकेज की पहली किश्त 39 लाख 53 हजार रुपए की नलकूप विभाग को मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि इन नलकूपों को हर हालत में दिसंबर महीने के अंत तक चालू करने की भरसक कोशिश की जा रही है। इस मौके पर अधिशासी अभियंता विद्युत, नलकूप के अलावा सपा के जिलाध्यक्ष दलजीत निषाद आदि मौजूद रहे।
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यूरिया की रैक आई, वितरण जल्द होगा
फतेहपुर। खाद की किल्लत का सामना कर रहे किसानों के लिए राहत की खबर है। यूरिया की एक रैक आ चुकी है। जिसकी ढुलाई का कार्य चल रहा है। अगले दो-तीन दिनों में डीएपी की एक रैक आनी है जिससे समुचित मात्रा में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उपनिदेशक कृषि प्रसार ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपल्ब्ध है।
मंगलवार को यूरिया की एक रैक आ गई है। जिसकी ढुलाई का काम चल रहा है। गोदाम से यह खाद वितरण केन्द्रों में भेजी जानी है। बतादें कि इस समय रबी की बुआई युद्धस्तर पर चल रही है। जिसमें उर्वरक की किल्लत किसानों के लिए आड़े आ रही है। समितियों में खाद की उपलब्धता न होने की वजह से किसानों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जिन्हें राहत मिलने वाली है। यूरिया की एक रैक आ चुकी है। उपनिदेशक कृषि प्रसार टीपी चौधरी ने बताया कि खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। शीघ्र ही वितरण केन्द्रों में खाद पहुंचाई जाएगी।



और परेशानी देख हाकिम भी हुए संजीदा
- क्रय केंद्रों के निरीक्षण में खामियां देख चढ़ा पारा
- उपजिलाधिकारियों को रोजाना पड़ताल के आदेश
फतेहपुर। बुधवार को सरकारी धान खरीद क्रय केंद्रों की कार्यशैली का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अभय ने स्थानीय मंडी समिति का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण पर पहुंचे डीएम ने मंडी समिति के अभिलेख और कार्य प्रणाली का अवलोकन किया तो घोर लापरवाही पाई गई। डीएम ने गलत आंकड़े उपलब्ध कराने पर डिप्टी आरएमओ तथा एसएमआई को कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में सही आंकड़े प्रस्तुत करने की हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने तीनों तहसीलो के उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को प्रतिदिन धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यूपी एग्रो क्रय एजेंसी के प्रभारी पर क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने सख्ती जताते हुए कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर किसानों से नियमित रुप से धान खरीद किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष धान की खरीद उम्दा हुई है। किसानों का धान शासकीय दर पर सही तौल के साथ क्रय किया जाएगा। उन्होंने क्रय क्रेदों पर स्थापित विद्युतीय कांटों को ठीक रखने रखने की व्यवस्था पर बल दिया। जिससे किसानों को दिक्कत न हो। डीएम ने 23 नवंबर तक लक्ष्य के मुताबिक खरीद कर लेने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ डिप्टी आरएमओ और एसएमआई सहित क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे।



बिजली मिले तो हो जाए पौबारह

- कटौती से सिंचाई का जबर्दस्त संकट
- गेहूं की बुआई का पीक टाइम चल रहा

फतेहपुर। ग्रामीण फीडरों में बिजली आपूर्ति बेहद ही खराब है। धुंआधार कटौती के चलत आपूर्ति नहीं मिल रही। जिसका सीधा असर सिंचाई पर पड़ रहा है और रबी की बुआई व्यापक स्तर पर प्रभावित है। उधर लगातार मांग के बावजूद अभी तक विभाग डबल ग्रुप की सप्लाई नहीं सुनिश्चित करा पाया है। नवंबर का महीना समापन की ओर है। इस समय गेहूं की बुआई का पीक टाइम चल रहा है। जिसमें बिजली की लचर आपूर्ति रोड़ा अटका रही है। ग्रामीण फीडरों को दुरुस्त सप्लाई न मिलने की वजह से नलकूपों का संचालन प्रभावित है। इससे किसान बुआई के लिए खेतों में पलेवा नहीं कर पा रहा है। असोथर, हसवा, बहुआ, भिटौरा, मलवां सहित लगभग सभी क्षेत्रों में बिजली की स्थिति दयनीय है। ग्रामीण फीडरों को रोस्टर के विपरीत 4/6 घंटे की कुल आपूर्ति ही मिल पा रही है। उसपर लो-वोल्टेज एवं ट्रिपिंग की समस्या व्यापक है। किसान बिंदा प्रसाद, ननकू, रामआसरे, भैयालाल, भीखम आदि ने बताया कि दुरुस्त बिजली नहीं मिल पाने से सिंचाई व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। अधिकांश फीडर एक ग्रुप की सप्लाई पर ही चल रहे हैं। जिन्हें दिन अथवा रात के शिफ्ट में एक ही बार आपूर्ति मिल पाती है। किसान लगातार डबल ग्रुप की सप्लाई की मांग कर रहे हैं जिस पर कोई अमल नहीं हो रहा है। अधीक्षण अभियंता आरआर सिंह इस बारे में कहते हैं कि जितनी बिजली ग्रामीण क्षेत्र के लिए ऊपर से मिल रही है उतनी मुहैया कराई जा रही है।
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