बिना कांटा और बैनर के खरीद शुरू

Fatehpur Updated Tue, 22 Oct 2013 05:40 AM IST
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फतेहपुर। एक अक्तूबर से कागजी तौर पर धान की खरीद शुरू हो गई है। शासन ने इस बार 1310 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य तय किया है। इस बार जिले के लिए 35 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 43 क्रय सेंटर बनाए गए हैं, लेकिन बीस दिन का समय बीत रहा है और यह तैयारियां कागजों पर ही है। न तो किसी सेंटर में काटा बाट है और न ही खरीद की जानकारी संबंधी बैनर लटकाए गए हैं। 43 क्रय के केंद्रों में हाटशाखा के 15, पीसीएफ के साथ, यूपी एग्रो के 6 और 2 सेंटर यूपीएसएस के हैं। कर्मचारी कल्याण निगम के 8 और 3 सेंटर एनसीसीएफ के हैं। किसानों से सीधे तौर पर खरीद की जाएगी, लेकिन उनका संबद्धीकरण क्रय केंद्रों में किया जाएगा। भुगतान की व्यवस्था आरटीजीएस के जरिए खातों के माध्यम से की गई है। इसके लिए किसान को जोत-बही तथा बैंक पासबुक की फोटोकापी उपलब्ध करानी होगी। कागजी व्यवस्थाओं से स्थिति बिल्कुल अलग है। स्थिति यह है कि अभी तक इन क्रय केंद्रों में अभी तक न काटा-बाट नहीं लगा। न ही कहीं पर अभी तक बैनर और बारदाना का ही इंतजाम है। असोथर प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में मिलर्स के यहां धान तौला जा रहा है। यह दिगर है कि अभी तक सरकारी क्रय केंद्रों में कोई इंतजाम नहीं है। इस बार धान खरीद के काम में समितियां हाशिए पर हैं। ज्यादातर समितियां डिफाल्टर हैं। इनके पास भुगतान के लिए एक भी फूटी कौड़ी नहीं है। ऐसे में किसानों का पैसा कहीं फंस न जाए, इसे देखते हुए समितियों को काम नहीं दिया गया। पूरे जिले में 3/4 समितियां ही ऐसी है जिन्हें खरीद की अनुमति प्रदान की गई है। इनमें वही समितियां शामिल हैं जिन गांवों में अन्य कोई विकल्प नहीं है।
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इंसेट--
समानांतर व्यवस्था से विवाद बना
फतेहपुर। धान खरीद में सरकार की दोहरी नीति विवादों की वजह बनी हुई है। एक ओर जहां क्रय केन्द्र खोले जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर कमीशन सिस्टम के जरिए आढ़तियों के माध्यम से भी खरीद की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए विभाग ने कमीशन बेस आढ़तियों से आवेदन मांगे हैं। जिन्हें ढाई फीसदी कमीशन दिया जाएगा। सवाल यह है कि आढ़तियों के दखल के बाद सरकारी धान खरीद में कितनी पारदर्शिता रहेगी।

इंसेट-
तैयारियां पूरी कर लगी गईं
धान खरीद के लिए 43 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अभी आवक कहीं नहीं है जबकि तैयारियां पूरी कर ली गई है। जैसे ही आवक शुरू हो जाएगी इन क्रय केंद्रों में तौल का काम कांटा लगाकर चालू कर दिया जाएगा। रही बात आढ़तियों के माध्यम से खरीद किए जाने की तो यह शासन की मंशा है। हमारी कोशिश होगी कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। -रवि गौतम, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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