महंत को बंधक बना चबूतरा खोद डाला

Fatehpur Updated Tue, 22 Oct 2013 05:41 AM IST
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फतेहपुर। मलवां थाना क्षेत्र के आदमपुर गांव में ख्वाबों के खजाने की तलाश में बदमाशों ने देर रात मंदिर का चबूतरा खोद डाला। पुलिस की लापरवाही से राम जानकी गंगा पक्का घाट के आश्रम के मंहत को बंधक बनाकर घटना को अंजाम दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुबह सुबह गड्ढा मिट्टी से पाटकर मामला रफादफा करने की कोशिश की, लेकिन सूचना जंगल में आग की तरह फैली, जिसे देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। शोभन सरकार के आदमपुर गांव में गंगा किनारे स्थित अति प्राचीन ब्रम्हशिला आश्रम समेत एक किमी क्षेत्र में जहां पर प्राचीन अवशेष मौजूद हैं, वहां पर अकूत स्वर्ण भंडार जमीन की कोख में दबा होने का दावा किया है। शोभन सरकार के दावे में पर उन्नाव के डौडियाखेड़ा में खोदाई शुरू होने के बाद आदमपुर गांव सुर्खियों में आ चुका है। यहां पर दिन में जहां दूर-दूर से आने वालों को तांता लगा रहता है, वहीं रात में भी पूरे क्षेत्र में चहलकदमी देखी जा रही है। इतना सब होने के बावजूद अभी तक प्रशासन यहां पर सुरक्षा के खास इंतजाम नहीं किए। सुरक्षा के नाम पर शुक्रवार की रात मलवां थाने के दो कांस्टेबिलों की ड्यूटी लगाई गई, जो पूरी रात सुनील पांडेय के दरवाजे पर सोते रहे। जबकि शाम से रात में सन्नाटा होते ही गंगा घाट पर स्थित अति प्राचीन मंदिर के चबूतरे की बदमाश खोदाई करते रहे। घटना स्थल से कुछ फासले पर स्थित श्री रामजानकी पक्का घाट आश्रम के महंत मोहनदास ने बताया कि रात करीब 12 बजे उनकी शौच जाने की इच्छा हुई, तो वह आश्रम के बाहर निकले। बहर निकलते ही गेट के बाहर तीन बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया और आश्रम के भीतर ले गए।सुबह ड्यूटी पर लगाए गए दोनों पुलिस कर्मी शहनवाज खान और उसके हमराही सूखालाल की नींद खुली, तो वह गंगा घाट पहुंचे और चबूतरा में गड्ढा देखकर दंग रह गए। इसी बीच गांव के ही झल्लर सिंह के पुत्र शिव सिंह (12), जितेंद्र (10) तथा अभिषेक (8) साइकिल लेकर बालू लेने पहुंच गए। दोनों सिपाहियों ने बच्चों को कुछ पैसे का लालच देकर गड्ढे के बाहर डंप मिट्टी डलवाकर पटवा दिया। इसके बाद ग्रामीणों को घुड़की देकर भगा दिया, लेकिन तबतक मीडिया को जानकारी हो चुकी थी।
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इंसेट
हाथ लगा या नहीं..?
फतेहपुर। प्राचीन मंदिर में चबूतरे की खोदाई से में बदमाशों के कुछ हाथ लगा या नहीं यह तो कुछ कह पाना संभव नहीं है, लेकिन महंत मोहनदास को भोर तक बंधक बनाए रखने तथा खोदाई वाले स्थान के समीप चार पहिया वाहन के पहियों के चिन्ह देखर कुछ न कुछ मिलने की आशंका प्रबल हो रही है। ग्रामीण नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गड्ढे के पास किसी बर्तन के निकलने का चिन्ह भी पाया गया है। ऐसी हालत में साफ हो रहा है कि चबूतरे में कुछ न कुछ जरूर मिला है।

इंसेट
भीड़ देखकर भागे थानाध्यक्ष
फतेहपुर। आदमपुर घाट पर पहुंचे थानाध्यक्ष मलवां शिवमंगल सिंह को मीडिया कर्मियों के सवालों से बचने के लिए भागने को मजबूर होना पड़ा। पहले तो प्रिंट मीडिया को बताया कि अराजक तत्वों ने प्रशासन को परेशान करने के लिए यह नाटक रचा है। गड्ढे में कुछ नहीं मिला है।

इंसेट
कई बार हो चुकी है खोदाई
फतेहपुर। एक दशक पूर्व ब्रम्हशिला आश्रम के पास स्थित रामजानकी मंदिर के समीप रात में खोदाई की गई थी। इसी तरह पांच साल पहले मौनी मठ के पीछे कुछ फासले पर स्थिति प्राचीन शिवलिंग रात के अंधेरे में खोदकर चबूतरे से बाहर कर दी गई थी। इसके कुछ ही महीने बाद चबूतरा खोदा गया था। मीरमऊ गांव निवासी नायक चंद्रपाल सिंह का कहना है कि उनके गांव के एक लोधी परिवार को यहां इसी जमीन में काफी संपत्ति मिल चुकी है।
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