'My Result Plus

प्रबंध सुधारने को गठित प्रबंध समितियां भी फेल

Fatehpur Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
ख़बर सुनें
खागा/फतेहपुर। परिषदीय प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूलों की निगरानी एवं शिक्षण कार्य की गुणवत्ता परखने के लिए गठित प्रबंध समितियां कागजी बनकर रह गई हैं। समितियों के प्रधानाध्यापक कागजों का पेट भरने में की अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। बैठकें केवल कागजों में होती हैं। इन दिनों शासन के निर्देश पर न्याय पंचायत स्तर क्षेत्र की सभी समितियों के सदस्यों को प्रशिक्षण देकर उनके व कर्तव्यों की जानकारी दी जा रही है। प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए पिछले सत्र में शासनादेश के तहत प्रत्येक स्कूलों की प्रबंध समितियों का गठन किया गया था, प्रत्येक समिति में अध्यक्ष और मंत्री समेत पंद्रह सदस्यों का चयन बैठकों में किया गया था। इनमें हल्का लेखपाल, एएनएम व प्रधानाध्यापक आदि को शामिल किया गया था। समिति में प्रधानाचार्य बतौर सचिव नामित है। इनके अलावा एक ग्राम पंचायत स्तर के निर्वाचित प्रतिनिधि को सदस्य बनाया गया है। शेष ग्यारह सदस्यों के तौर पर अभिभावकों को शामिल किया गया है। गठित समितियां स्कूलों के रखरखाव, शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी, एमडीएम का मूल्यांकन, स्कूल के लिए मिलने वाले बजट को पारित करवाना व शिक्षा की गुणवत्ता को परखने की भी जिम्मेदारी दी गई है। शासन की मंशा के मुताबिक समितियों की प्रत्येक माह बैठक बुलाना अनिवार्य है। बैठक में पारित प्रस्ताव व सुझावों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भेजकर उनमें अमल करवाने के प्रयास किए जाने जैसे दायित्व शामिल हैं। विकास खंड ऐरायां में प्राथमिक स्कूल की 126 च उच्च प्राथमिक स्कूल की 41, विजईपुर विकास खंड में प्राइमरी की 141 तथा उच्च प्राइमरी की 54, धाता विकास खंड में 135 प्राथमिक व 55 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समितियों का गठन किया गया है। इसी प्रकार हथगाम ब्लाक में 155 प्राइमरी व 47 उच्च प्राइमरी स्कूल में प्रबंध समितियां गठित हैं। जो केवल कागजों में ही संचालित हैं। लाखीपुर के ग्राम प्रधान विद्या प्रसाद ने बताया कि कोई बैठक नहीं होती है। करहा के सियाराम, पुरइन के धरमपाल, बृजकिशोर आदि ने बताया कि उन्हें समितियों के गठन की जानकारी नहीं है। इसी प्रकार तमाम गांव के अभिभावकों ने समितियों के गठन के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की। उधर, खंड शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार गुप्त, सुरेंद्र सिंह पटेल आदि ने बताया कि गठित समितियां अपनी जिम्मेदारी निभा रहीं हैं।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

मुस्लिम ड्राइवर देख कैंसिल कर दी ओला कैब, कहा- नहीं देना चाहता जिहादियों को पैसे

धार्मिक आधार पर भेदभाव का मामला अब कार के ड्राइवर तक पहुंच गया है। राजधानी लखनऊ के एक व्यक्ति ने निजी कंपनी की कार सिर्फ इसलिए लौटा दी क्योंकि उसका ड्राइवर मुस्लिम था।

22 अप्रैल 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी पुलिस के इस सिपाही ने किया खाकी को शर्मसार

फतेहपुर में एक बार फिर पुलिस का खौफनाक चेहरा सामने आया है। यूपी पुलिस के सिपाही ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। पुलिसवाले ने युवक की पिटाई इसलिए कर दी क्योंकि युवक की बाइक से सिपाही को टक्कर लग गई।

18 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen