स्वास्थ्य बड़ा मुद्दा पर प्रशासन बेपरवाह- माझी

Fatehpur Updated Mon, 17 Dec 2012 05:30 AM IST
फतेहपुर। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु व परिवार कल्याण राज्य मंत्री शंखलाल माझी ने कहा कि स्वास्थ्य बड़ा मुद्दा, पर प्रशासन बेपरवाह है। रविवार को सदर अस्पताल का हाल लेने यहां पहुंचे मंत्री ने वार्डों में जाकर मरीजों से बातचीत के दौरान कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा बड़े मुद्दे हैं पर प्रशासन अहम मुद्दों के प्रति गंभीर नहीं है।
राज्यमंत्री माझी जिले के सबसे बड़े अस्पताल की सेवाओं व सुविधाओं से वाकिफ होने को पूर्वाह्न पौने ग्यारह बजे पहुंचे। राज्यमंत्री का काफिला सीधे एक्सरे-विभाग की गैलरी से गुजरा। इसी बीच भीड़ से ही किसी ने आवाज दी यहां खूब भ्रष्टाचार है मंत्री जी, बिना लिए काम नहीं होता। अस्पताल के डाक्टर निजी प्रैक्टिस धड़ल्ले से कर रहे हैं। इस पर ठिठके मंत्री जी की निगाह डीएम कंचन वर्मा व सीडीओ केके चौधरी पर ठहर गई। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री ने आगे बढ़ने से पहले कहा शायद स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे अहम मुद्दे पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। उसे चाहिए कि वह स्कूल व अस्पताल की मानीटरिंग करें।
यहां से आगे बढ़े मंत्री के काफिले से पुरुष वार्ड भर गया। यहां छह नंबर में भर्ती राधेश्याम से पूछा कब भर्ती हुए आप। दवा कौन कौन सी चल रही है जरा दिखाओ। पैसा खर्च कर बाहर से मंगाया है अथवा यहीं मिली हैं। सब में हां कहने पर कहा लगता है सुबह डाक्टर ने क्या बोलना है सिखा दिया है। फिर सात नंबर बेड में पड़े मरीज से मुखातिब होने से सपा सरकार को छ नंबर बेड के मरीज राधेश्याम से बेहतर कहलाने में कामयाब रहे। सात नंबर बेड में भर्ती वलीम निवासी अस्ती की बहन से मंत्री ने दवाओं व सेवाओं की बात की। जिस पर महिला रोने लगी। कहा दस दिन हो गया, ज्यादा सुधार नहीं हुआ है, इस पर उन्होंनें सीएमएस से देख लेनेे को कहा। इस वार्ड के अन्य मरीजों से मिलने के बाद प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री ने जच्चा बच्चा वार्ड का निरीक्षण किया। पैतालिस मिनट के दौरा में स्वास्थ्य मंत्री के साथ जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल उर्फ दयालू ओमर के अलावा बड़ी संख्या में सपाई के रूप में भीड़ मौजूद थी।

इंसेट
सर, कल ही मरीज भर्ती हुआ है
प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री शंखलाल माझी रविवार वार्ड का हाल ले रहे थे। पुरुष वार्ड के बेड नंबर आठ में भर्ती मरीज के तीमारदार से पूछा खाना मिल रहा है या नहीं। इस पर बगल में खड़े सीएमएस डा. यतींद्र नाथ तिवारी ने मरीज का रिपोर्ट कार्ड दिखाते हुए कहा यह देखिए सर कल ही मरीज भर्ती हुआ है। खाना क्यों नहीं दिया जा रहा है, इस पर सीएमएस ने बताया मांगने पर दिया जाता है।

इंसेट
डाक्टर! रेफर विद प्रापर केयर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री शंखलाल माझी के कदम पुरुष वार्ड के बेड नंबर 24 में पड़े मरीज को देखकर ठिठक गए। मंत्री के रुकते ही सामने आए सर्जन डा. डीके वर्मा ने बताया सर हेड इंजरी का केस है जो कल आया है। घायल का नाम व पता अज्ञात है। इस पर मंत्री ने कहा विद प्रापर केयर रेफर करे।


समीक्षा बैठक
सीजेरियन केस के लिए एक और सेंटर
- आशा बहुओं के खिलाफ शिकायतों की फेहरिस्त
- बिंदकी व खागा में जल्द शुरू होगा सीएचसी
फतेहपुर। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु परिवार कल्याण राज्य मंत्री शंखलाल माझी की डेढ़ घंटे की विभागीय समीक्षा में आशा बहुओं की कार्यशैली निशाने पर रही। सीएमओ ने खुद कहा उन्हें ऐसी शिकायतें मिल रही है कि कई आशा बहुएं गांव की भोली भाली जनता को प्रसव के मामले में हौव्वा खड़ा कर निजी अस्पताल ले जाती है। जहां उनके तीमारदार से लूट होती है। और इसके एवज में आशा बहू को निजी अस्पताल वाले दो हजार केस देते है। इसके अलावा सदर अस्पताल के रेडियोलाजिस्ट की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
दोपहर स्वास्थ्य मंत्री माझी ने पीडब्लूडी के निरीक्षण भवन में सीएमओ डा. आरएम श्रीवास्तव, सीएमएस पुरुष यतींद्र नाथ तिवारी, सीएमएस महिला रेखारानी से बारी बारी से जानकारी हासिल की। सीएमओ ने सीजेरियन केस के आपरेशन महिला अस्पताल के अलावा बिंदकी व खागा सीएचसी में शुरू होने की बात बताई। साथ ही मिली कई शिकायतों को रखते हुए कहा आशा बहुएं इस नाम से खेल कर रही है। जो तीमारदारों को हालत नाजुक होने की बात कहकर निजी अस्पताल ले जाने को मना लेती है। इसके बदले आशा बहू को दो हजार प्रति केस का भुगतान निजी अस्पताल के संचालक करते है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने हुसैनगंज सीएचसी में भी सीजेरियन आपरेशन की सुविधा शुरू करने की बात कही। कुछ ही दिन बाद तीसरी सीएचसी में उक्त आपरेशन की सुविधा की घोषणा के पीछे मंत्री जी के सामने प्रस्तुत आंकड़े रहे। मसलन प्राइवेट अस्पताल में सीजेरियन आपरेशन 317 हुए जबकि महिला अस्पताल में यह संख्या महज 5 रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमएस से बात की। जिस पर सीएमएस यतींद्र नाथ तिवारी ने बताया उनके यहां पर दो रेडियोलाजिस्ट के पद है। जिनमें एक भरा है लेकिन वह भी किसी काम का नही। नियुक्त चिकित्सक इलाहाबाद में ही रहकर प्राईवेट प्रेक्टिस करते हैं। यह भी बताया कि वह मारपीट के मामले में पैसा लेकर फर्जी रिपोर्ट भी लगाने का काम करते है। इस पर रेडियोलाजिस्ट के विरुद्ध मंत्री ने सख्त कार्रवाई की बात कही। इसी के साथ साफ किया अब आशा बहू को प्रसव पीड़िता को अस्पताल लाने व वापस घर ले जाने का देय ढाई सौ रुपया नहीं मिलेगा। अब यह काम समाजवादी इमरजेंसी सेवा भी करेगी। महिला सीएमएस ने एक स्त्रीरोग विशेषज्ञ व नेत्र विशेषज्ञ की मांग की। जिस पर आश्वासन दिया।

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