गहराते बिजली संकट से दर्जनों गांव प्रभावित

Fatehpur Updated Sun, 21 Oct 2012 12:00 PM IST
असोथर/फतेहपुर। क्षेत्र में बिजली संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले सप्ताह भर से असोथर कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति बाधित है। नतीजतन ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सिंचाई व्यवस्था की है। जिससे फसलें सूख रहीं हैं।
लगातार आपूर्ति बाधित रहने से जनजीवन पर व्यापक असर है। कस्बे में पेयजल का विकट संकट पैदा हो गया है। लोग पीने के पानी के लिए हैंडपंपों पर निर्भर हैं। इसके अलावा एक बड़ी समस्या सिंचाई की है। बिजली न मिलने से सिंचाई संकट भी गहराता जा रहा है। स्थिति यह कि चौबीस घंटे में एक घंटे की आपूर्ति भी नहीं मिल पा रही है। उसमें भी पांच-पांच मिनट के अंतराल में ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या है। इससे नलकूपों का संचालन नहीं हो पा रहा है। जिससे करीब डेढ़ सौ गांवों के किसान प्रभावित है। रबी की बुआई का सीजन है किंतु नलकूपों का संचालन नहीं है। पलेवा के बगैर किसान रबी की बुआई नहीं कर पा रहा है। किसानों का आरोप है कि विभाग समस्याओं पर जरा भी गंभीर नहीं हैं। वीरेंद्र सिंह, राजकुमार, भोला, संतोष सिंह, रमेश यादव, विक्रम सिंह, मनोज आदि किसानों ने बताया कि बिजली की समस्या के चलते सिंचाई का संकट गहरा रहा है। धान आदि की फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है। उधर, अवर अभियंता राजाराम ने बताया कि उसने अभी चार्ज संभाला है। जानकारी कराकर समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा।

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यह गांव हैं प्रभावित
असोथर। उपकेंद्र में जरौली,गाजीपुर, असोथर,नरैनी और थरियावं कुल पांच फीडर हैं। असोथर खास, टीकर, सरांय, गेडुरी,कंधिया, बेरुई, जमलामऊ, नरैनी,सातो, कटरा, ऐझी, कोटवा, बेसड़ी, कोर्रा, मनावां,कौड़र, बौड़र,अंदीपुर, घरवासीपुर, भैरव सहित करीब डेढ़ सौ गांव बिजली संकट की चपेट में हैं। बता दें कि क्षेत्र में 33 हजार मेन विद्युत लाइन की स्थिति बेहद खराब है। दशकों पुरानी लाइन आए दिन टूटकर गिरती रहती हैं। जिन्हें दुरुस्त कराने में कई-कई दिनों का समय लग जाता है इससे भी समस्या आ रही है।

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पंप कैनाल में भी नहीं चल रहा पानी
असोथर। बता दें कि क्षेत्र में सिंचाई का मुख्य आधार जरौली पंप कैनाल है। जिसमें आठ पंप लगे हुए है। इनमें कुछ पंप तकनीकी खामियों की वजह से बंद है किंतु जो पंप ठीक भी हैं उनका संचालन भी सुचारु तौर से नहीं हो पा रहा है। बतादें कि जरौली कैनाल से असोथर के अलावा, हसवा तथा धाता क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था है। इसके अलावा धाता से होते हुए कैनाल कौशांबी जनपद के एक बड़े क्षेत्रों के किसानों का लाभान्वित करती है। स्थिति यह है कि टेल तक पानी पहुंचना दूर असोथर में किसानों को जरौली पंप कैनाल से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। उधर, सीडीओ केके चौधरी कहते हैं कि रबी में किसानों को सिंचाई के लिए समुचित पानी मुहैया कराने के लिए प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। नहरों तथा राजकीय नलकूपों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कराकर रिपोर्ट मांगी गई है। आपूर्ति संबंधित खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

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