आखिर सपा ब्लाक प्रमुख की कुर्सी छिनी

Fatehpur Updated Fri, 19 Oct 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। आखिर असोथर में सपा ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पलट ही गई। सत्ता पक्ष से जुडे़ प्रमुख के खिलाफ गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। कड़ी सुरक्षा के बीच ब्लाक कार्यालय में हुए मतदान का पक्ष ने बायकाट किया, जबकि विपक्ष की ओर से 46 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इस तरह से महीने भर से चल रहे राजनीतिक गतिरोध का पटाक्षेप हो गया। वर्तमान समय सदन के कुल सदस्यों की संख्या 79 है।
ब्लाक प्रमुख रामाश्रीपाल पत्नी सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नंदकिशोर पाल के खिलाफ पूर्व में बसपा समर्थन से प्रमुख का चुनाव हारने वाले पीके गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता ने 59 सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त अविश्वास प्रस्ताव डीएम के समक्ष पेश किया था। इस दौरान सपा के सदर विधायक सैय्यद कासिम हसन, सपा नेता पूर्व विधायक आनंद प्रकाश लोधी समेत कई प्रमुख सपाई सुमन गुप्ता के साथ शामिल थे। डीएम ने प्रस्ताव पर चरचा और मतदान के लिए गुरुवार की तिथि निर्धारित की थी। तिथि घोषित होने के बाद पक्ष और विपक्ष ने बीडीसी को अपने पक्ष में मिलाने के लिए गोटें बिछाना शुरू कर दिया था। इस दौड़ में कांग्रेस नेता सुधीर त्रिपाठी समर्थित सुमन गुप्ता के पाले में 46 बीडीसी जुड़ गए थे, जबकि पदच्युत प्रमुख 33 सदस्य ही थे। इसी बीच सपा प्रदेश संगठन ने अपने प्रमुख को बचाने के लिए घुड़की दिखाई और अविश्वास प्रस्ताव दाखिल कराने वाले सपा नेता आनंद प्रकाश लोधी को पार्टी से निष्कासित कर दिया, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। उधर, प्रमुख अपने पक्ष में बहुमत न जुटा पाने पर सदन का बायकाट किया। प्रमुख का समर्थित कोई भी सदस्य मतदान करने नहीं पहुंचा। जबकि परिणाम जानने के लिए प्रमुख पति सपा नेता नंदकिशोर पाल ब्लाक परिसर के बाहर डेरा डाले रहे। विपक्षी 46 सदस्य एक साथ ब्लाक परिसर में दाखिल हुए और एक जुट होकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। वोट डालने वाले सदस्यों में 18 महिला और 28 पुरुष बीडीसी सदस्य शामिल हैं।

इंसेट
माफियाओं की जीत-रामाश्री
फतेहपुर। अपदस्थ प्रमुख रामाश्रीपाल ने अविश्वास प्रस्ताव लाने में समर्थन और सहयोग करने वाले सपा नेताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि माफियाओं के सामने ईमानदारी की पराजय हुई है। धनबली लोगों ने सदस्यों की खरीद फरोख्त करके प्रस्ताव पास कराया है।

बसपा से पराजित हुई या फिर....?
फतेहपुर। असोथर ब्लाक में सपा, बसपा से पराजित हुई या फिर कांग्रेस से। इस पर लोगों में असमंजस बना है। अविश्वास प्रस्ताव के अगुआ भले ही बसपा से चुनाव लड़ चुकी सदस्य रही हों, लेकिन पर्दे के पीछे कांग्रेस के धनबली नेता पूर्व प्रमुख सुधीर त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
असोथर विकास खंड में क्षेत्र पंचायत की राजनीति में इंका नेता सुधीर त्रिपाठी का कई वर्षों से कब्जा रहा है। पहले वह स्वयं प्रमुख रहे। इसके बाद अपनी मां को पूरे पांच साल तक प्रमुख की कुर्सी पर बैठाए रखा। पदच्युत हुईं प्रमुख रामाश्री पाल भी इन्हीं के बलबूते प्रमुख बनीं थी, लेकिन बाद में आपसी मतभेद पैदा हो गए। खास बात तो यह है कि इस लड़ाई में पूर्व में बसपा समर्थन से चुनाव लड़कर पराजित हुई सुमन गुप्ता इसी पदच्युत प्रमुख से चुनाव में शिकस्त खाई थी। ऐसी हालत में यह साफ कह पाना संभव नहीं है कि सपा की यह पराजय बसपा के सामने हुई है या फिर कांग्रेस ने पटखनी लगाई है।

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