बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि, बढ़ी ठंड

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Thu, 24 Jan 2019 12:18 AM IST
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फतेहपुर। जिलेभर में भोर पहर से बेमौसम बारिश हुई। अलग-अलग क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। अधिकतम पारा 25 से लुढ़क कर 23 और न्यूनतम पारा 13 से 12 पर पहुंच गया है। इससे ठंड का असर बढ़ गया। बेमौसम बारिश से किसानों को गेहूं की फसल में फायदा और आलू, राई, सरसों की फसलों में नुकसान हुआ है। वहीं अस्पताल में सर्दी, जुकाम, श्वांस, मधुमेह, दमा के मरीज बढ़ गए हैं।
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मौसम के करवट लेने से सर्दी फिर से वापस लौट आई है। बुधवार को भोर पहर से बारिश हुई। बिंदकी तहसील के बकेवर, मलवां और खागा तहसील के हथगाम क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे राई, सरसों और अरहर की फसलों में नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल छोटी होने की वजह से नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन ठंड का प्रकोप फिर शुरू होने से फायदा होगा। बारिश की बूंदे पडने से गेहूं की फसल में रौनक दिखने लगी है। ज्यादा बारिश न हो जाए। इसको लेकर किसानों के चेहरे में चिंता की लकीरें दिखाई दे रही हैं और बर्बादी का डर भी सता
रहा है। वजह साफ है मेहनत की कमाई खुले आसमान के नीचे खड़ी है। ज्यादा बारिश हुई आलू, राई, सरसों व अन्य फसलों में नुकसान होगा। मौसम का मिजाज बदलते ही अन्नदाताओं को दो साल पहले हुई बेमौसम बारिश की तबाही याद आ गई है। इस समय राई, सरसों और अरहर की फसल में फूल निकल रहा है। आलू की फसल में फलों के विस्तार होने का समय है। अधिक बारिश हुई तो नुकशान हो जाएगा। केवीके थरियांव के कृषि वैज्ञानिक डॉ. नौशाद आलम ने कहा कि जितनी बारिश हुई है। उससे अभी फसलों का नुकशान नहीं होगा। जिस क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है। वहां पर राई, सरसों की फसल में कुछ नुकशान हो सकता है। अन्य फसलों के लिए यह बारिश का पानी फायदेमंद है। 26, 27 जनवरी को हल्की बारिश होने की और संभावना है। ठंड के बढने से पिछैती गेहूं की फसल का उत्पादन बढ़ जाएगा।
41- सरसों की फसल में खिले फूल
42- हरी भरी गेहूं की फसल

बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि, बढ़ी ठंड
बारिश से किसानों को गेहूं की फसल में फायदा, आलू, राई, सरसों की फसलों को नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो

जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि जो बारिश हुई है। इससे ठंड फिर से बढ़ जाएगी। जो बारिश हुई है, उससे सभी फसलों का फायदा हुआ है। अब इससे अधिक बारिश होगी तो दलहनी व तिलहनी फसलों का नुकसान होगा। जिन किसानों को फसलों की सिंचाई करनी है। वह मौसम साफ होने के बाद सिंचाई करें।

धाता। रिमझिम बारिश से जहां एक ओर ठंड वापस आ गयी है। यमुना तिरहार की असिंचित फसलों के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई है। इस बारिश से किसानों में खुशी देखने को मिली है। क्षेत्र में मंगलवार से आसमान में बादल छाए हुए थे। बुधवार की सुबह से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। साथ में सर्द हवाएं चलीं। इससे ठंड भी फिर से लौट आई है। यमुना तटवर्ती क्षेत्र की असिंचित फसल चना, मटर, सरसों, अरहर और मसूर की फसलों में फायदा हुआ है। यमुना क्षेत्र के किसान नंदलाल, छेद्दू, हरी मोहन सिंह, कमल ने बताया इस बारिश से जिन खेतों में सिंचाई नहीं होती है। उनमें खड़ी फसलों का अधिक फायदा हुआ है।
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