मछुवारों के आवासों के लिए बजट नहीं

Farrukhabad Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। मछुवारों को आवास देने के लिए दो सालों से जिला मत्स्य विभाग को बजट ही नहीं मिला है। यह हाल तब है, जब शासन की ओर से साल में 10 आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंतिम बार 2010- 2011 में मछुवारों को आवास दिए गए थे। इसी के साथ ही तालाबों की मरम्मत का बजट भी जारी नहीं हो पाया है।
जिला मत्स्य विभाग को सालाना 10 आवासों के लिए लक्ष्य मिलता है। वर्ष 2011-2012 व वर्ष 2012 व 2013 में इन आवासों केे लिए विभाग को बजट ही नहीं मिल सका है। इन आवासों की लागत 45 हजार रुपए आती है। इन आवासों के लिए मछुवारे रोज ही विभाग के चक्कर लगाते हैं। बजट न होने की बात सुन कर यह वापस चले जाते हैं। इस साल तालाबों के मरम्मत के लिए बजट भी नहीं मिला है। इसके लिए 50 हजार रुपए की मांग की गई है। इससे मछली पालन वाले तालाबों की मरम्मत होनी थी। महकमे को मछली पालन के 35 हेक्टेयर पट्टे का लक्ष्य मिला था। राजस्व विभाग ने महज 10 हेक्टेयर के ही पट्टे किए हैं। इसमें से भी पचास फीसदी मछुआरों को पट्टे नहीं मिल पाए हैं।
जिला मत्स्य अधिकारी शिवराम का कहना है कि विभाग केे पास स्टाफ का टोटा है। 3 सुपरवाइजरों, एक निरीक्षक व दो मत्स्य अधिकारियों के पद खाली चल रहे हैं।



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