ग्राम पंचायत अधिकारी को सात साल की सजा

Farrukhabad Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आरएस यादव ने धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपए जुर्माना भरने के आदेश दिए है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
पंचायत चुनाव 2010 में कमालगंज के निर्वाचन अधिकारी रमेश चंद्र गौतम ने ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मद जीशान, प्रभारी सहायक विकास अधिकारी शंकर लाल और हाफिज जमील खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि पंचायत चुनाव 2010 में कमालगंज विकास खंड के वार्ड संख्या 82 से श्रीकृष्ण की पुत्री राममूर्ति ने क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर पर्चा दाखिल किया था। सहायक निर्वाचन अधिकारी हरवंश सिंह ने जांच के बाद 27 सितंबर को उसका नामांकन पर्चा खारिज कर दिया। प्रत्याशी राममूर्ति की शिकायत पर नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर ने जांच की। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत अधिकारी बंथल शाहपुर ने धोखाधड़ी कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। विपक्षी को लाभ पहुचाने के लिए सहायक विकास अधिकारी पंचायत शंकर लाल से उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। इसके आधार पर क्षेत्र पंचायत सदस्य पद प्रत्याशी राममूर्ति का पर्चा खारिज किया गया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विवेचन ने विवेचना में प्रभारी सहायक विकास अधिकारी शंकर लाल और हाफिज जमील का नाम निकाल दिया गया। ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मद जीशान के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ग्राम पंचायत अधिकारी को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध अभियुक्त को सजा और जुर्माने से दंडित किया।
यह सच्चाई की जीत-राममूर्ति
फर्रुखाबाद। पर्चे खारिज होने से क्षेत्र पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाई राममूर्ति को इस बात का मलाल है कि प्रशासन ने उन्हें चुनाव से रोका। फिर भी वह न्यायालय से मिले न्याय से गदगद हैं। उनका कहना है कि न्यायालय के फैसले से वह खुश हैं। कमालगंज विकास क्षेत्र के बंथल शाहपुर निवासी श्रीकृष्ण की पुत्री राममूर्ति ने कहा कि उसे न्यायालय से ही न्याय की आस थी। क्षेत्र पंचायत सदस्य पर नामाकंन पर्चा खारिज कराने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी ने फर्जी अभिलेख तैयार किए थे। उसके ऊपर 3.25 रुपए बकाया दिखाया गया था। इससे उसका पर्चा खारिज हो गया और वह चुनाव नहीं लड़ पाई। उसने न्याय के लिए जिला प्रशासन से कई बार मांग की। यहां तक कि जिलाधिकारी कार्यालय की छत से कूद कर जान देने का प्रयास किया, लेकिन जिला प्रशासन से न्याय नहीं मिला। न्यायालय में मामला जाने के बाद सच्चाई अपने आप सामने आ गई। दोषी को सजा मिली है। यह सच्चाई की जीत है।



Spotlight

Most Read

Ballia

अभाविप ने फूंका केरल सरकार का पुतला

कार्यकर्ता की हत्‍या के विरोध में फूटा गुस्सा

21 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: अब ये खास अंडरवियर बचाएगी बहू-बेटियों की आबरू

साल 2016 में देश में सबसे ज्यादा रेप के मामले उत्तर प्रदेश से सामने आए। अब यूपी की ही एक बेटी ने एक महिलाओं की इज्जत-आबरू को बचाने का बेड़ा उठाया है। इस बेटी ने एक ऐसा अंडरवियर बनाया है जो रेप प्रूफ है। देखिए क्या है इसकी खासियत।

11 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper