प्रमाणपत्र बनवाने में लोकवाणी की व्यवस्था धराशायी

Farrukhabad Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
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प्रमाणपत्र बनवाने में लोकवाणी की व्यवस्था धराशायी
केंद्र संचालक आवेदकों से वसूल रहे चौगुनी फीस
निर्धारित अवधि में नहीं बनाए जा रहे प्रमाणपत्र

फर्रुखाबाद। सदर तहसील परिसर में निवास, जाति और आय प्रमाणपत्र बनवाने वालों का हुजूम जमा रहता है। लोकवाणी के माध्यम से प्रमाणपत्र बनाने की व्यवस्था शुरुआत में ही चरमरा गई। लोकवाणी केंद्र संचालक आवेदकों से निर्धारित फीस से चार गुना अधिक वसूल रहे हैं। बावजूद, इसके समय पर प्रमाणपत्र जारी नहीं र रहे हैं। आवेदकों को तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
तहसील सदर में राजस्व संबंधी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए लोकवाणी व्यवस्था पहले ही चरण में फ्लाप होती दिख रही है। आलम यह है कि इसका क्रियान्वयन तो कर दिया गया मगर इनके संचालक आवेदकों से चौगुनी फीस वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं 15 दिन में जारी होने वाले प्रमाणपत्र महीने भर बाद भी नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से काउंटर पर लोगों का भारी हुजूम उमड़ रहा है। लोकवाणी संचालक और उनके दलाल आवेदकों से निर्धारित फीस दस रुपए की बजाय 40 रुपए वसूल रहे हैं। लोकवाणी के माध्यम से लेखपाल और कानूनगो के पास भेजे गए आवेदन इनकी फाइलों में कैद हैं। पूछताछ काउंटर न होने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग इधर-उधर भटकते रहते हैं। प्रमाणपत्र बनवाने आए लोगों ने अमर उजाला से अपना दर्द इस तरह बयां किया-
मोहम्मदाबाद से आए सियाराम का कहना है कि वे अपनी बेटी का प्रमाणपत्र आनलाइन करवाने के लिए महीने भर से चक्कर काट रहे हैं, मगर उनकी अभी तक सुनवाई नहीं हुई। फतेहगढ़ से आई छात्रा नेहा ने बताया कि लोकवाणी केंद्र से आवेदन भरने को उससे बीस रुपए लिए गए है, जबकि रसीद 10 रुपए की दी गई है। इतना ही नहीं आवेदन किए हुए एक पखवारा बीत चुका है, किंतु उसका प्रमाणपत्र अभी तक नहीं बना है। रसीदपुर निवासी रामसनेही हाथ में प्रमाणपत्र लिए तहसीलदार सदर आरपी चौधरी के कार्यालय पहुंचे। तहसीलदार को दुखड़ा सुनाया साहब उसका प्रमाणपत्र कंप्यूटर में अंकित नहीं है। मास्टर साहब का दबाव है कि 31 अगस्त तक प्रमाणपत्र जमा होने हैं। तहसीलदार ने उसे समझा-बुझाकर वापस कर दिया। साहसपुर के विनय प्रताप सिंह ने बताया कि 20 दिन पहले मूल निवास प्रमाणपत्र के लिए आवदेन फार्म जमा किया था लेकिन अभी तक प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। इसी तरह भोलेपुर के अखिलेंद्र ने बताया कि आवेदन पत्र के उनसे 40 रुपए लिए गए, किंतु अभी तक जारी नहीं किए गए।
लोकवाणी केंद्राें से आय प्रमाणपत्र के 8330 आवेदन मिले हैं। इनमें से 5334 प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं, जबकि जाति प्रमाणपत्र के 3800 आवेदन आए हैं। 58 प्रमाणपत्र को छोड़कर शेष जारी कर दिए गए हैं। कंप्यूटर में प्रमाणपत्र फीड करने को देर-रात काम चल रहा है। आवेदक दलालों के चंगुल में न फंसे। अगर अवैध वसूली की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार सदर आरपी चौधरी

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