बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

बाढ़ से पहले ही बह गई परकोपाइन

Farrukhabad Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
राजेपुर (फर्रुखाबाद)। क्षेत्र के गांव खरगपुर व नाहरैया को रामगंगा बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए कराया गया कार्य अभी अधूरा है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद धारा बदलने का कार्य पूरा नहीं हो सका है। विभाग पानी का बहाव रोकने में नाकाम रहा, जबकि मेन प्वाइंट पर कार्य समाप्त हो गया है। रामगंगा में लगी जीओ बैग और परकोपाइन 10 मीटर तो धारा में बह गई, जबकि कुछ वहीं पर धंस गए। अवर अभियंता ने बताया कि रामगंगा में अब तक दो करोड़ रुपए से अधिक का कार्य हो चुका है। साथ ही कार्य अभी बंद नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जैनापुर में परकोपाइन बनवाए जा रहे हैं। अब तक ठेकेदारों द्वारा जो कार्य कराया गया। उसका भी भुगतान अभी विभाग को प्राप्त न हो पाने के कारण रुका है। गांवों को बाढ़ से बचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन

राजेपुर के पूर्वी क्षेत्र के गांव खरगपुर, खंडौली, नाहरैया, निसवी, सीढ़ेपुर, राई समेत कई गांवों को रामगंगा की बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा रामगंगा पर कई महीने पहले से धारा बदलने के लिए कार्य चल रहा था। इसके चलते विभाग द्वारा जेसीबी से खुदाई कर धारा को मोड़ने का प्रयास किया गया तथा बहाव को रोकने के लिए पहले बहाव की धारा पर 10 मीटर चौड़ाई में बालू की जीओ बैग भरकर लगाए गए। उसके ऊपर परकोपाइन लगाए गए। लेकिन पहली बरसात में ही यह जीओ बैग और परकोपाइन बह गए, जबकि कुछ बोरियां (जीओ बैग) नीचे धंस गईं, जिनके ऊपर से पानी बह रहा है। जिस स्थान को पानी के बहाव के लिए खुदाई कर तैयार किया गया, उससे न के बराबर पानी बह रहा है। इस मेन प्वाइंट पर दो माह से कार्य चल रहा था लेकिन कार्य पूरा किए बिना ही इस प्वाइंट पर काम बंद कर दिया गया, जिससे रामगंगा का बहाव पूर्वत: है। जब रामगंगा का जलस्तर बढ़ेगा तो आसपास के गांवों को खतरा पैदा होगा। खरगपुर व नाहरैया के पास छह ठोकरें बनाई गई हैं। एक स्थान को छोड़कर बाकी ठोकरों का कार्य विभाग पूरा होना मान रहा है। खरगपुर के श्यामबिहारी का कहना है कि 8.5 बीघा बाग एवं कृषि भूमि रामगंगा में कट चुकी है। सिंचाई विभाग ग्रामीणों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। गांव के शिवराम ने बताया कि उनकी सात बीघा जमीन बाढ़ में कट चुकी है। अब मकान की बारी है। विभाग कार्य की खानापूरी करके सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहा है। ठोकरें सही स्थानों पर नहीं बनी हैं। बाढ़ आने पर गांव को बचाना मुश्किल होगा। फिलहाल काम बंद हो चुका है। अवर अभियंता रामबाबू वर्मा ने बताया कि रामगंगा में हो रहे कार्य का अभी तक एक पैसा शासन से नहीं आया है। ठेकेदारों द्वारा दो करोड़ से अधिक रुपए का काम कराया जा चुका है, जिसका भुगतान शेष है। हालांकि कार्य अभी जारी है। जैनापुर के पास परकोपाइन बनवाए जा रहे हैं। जीओ बैग भी नहीं है, जो पूना से आती हैं। धन की कमी के कारण जीओ बैग नहीं आ पा रहे हैं। इसके बावजूद गांवों को बाढ़ से बचाने का विभाग पूरा प्रयास कर रहा है। मुख्य धारा का बहाव बंद करने के लिए परकोपाइन बनवाए जा रहे हैं। प्रत्येक दशा में बहाव को रोका जाएगा।

कटने लगे मकान
राजेपुर। नाहरैया गांव का बचा हिस्सा भी कटने की कगार पर है। कब पानी बढ़ जो कुछ पता नहीं। बाढ़ से बेघर हुए नाहरैया गांव के ग्रामीण अलग स्थानों पर अपना आशियाना बनाकर रह रहे हैं। कुछ लोगों ने खरगपुर में आशियाना बनाया है। सूरजपाल का आधा मकान कट चुका है, जबकि आधा बहाव के ऊपर है। रामऔतार, रामविलास, रामवीर, होशियार, मंगली, बटेश्वर सिंह, सत्यपाल, विजेंद्र, इंद्रेश का कहना है कि बाढ़ से कई बार उन लोगों के मकान कट गए। अब उन्होंने दूसरी जगह आशियाना बनाया तो भी असुरक्षित हैं। मकान के नीचे रामगंगा का बहाव है। कब पानी बढ़ जाए, पता नहीं। सिंचाई विभाग द्वारा धारा बदलने के लिए जो कार्य कराया जा रहा है। उसमें विभाग राहत देने में असफल नजर आ रहा है, क्योंकि रामगंगा का बहाव पूर्व की भांति ही बह रहा है। गांव के सामने बनी ठोकरों से बाढ़ आने पर पता चलेगा कि क्या रोकथाम हो सकती है। हम लोगों के मकानों के सामने कोई ठोकर नहीं बनी। यदि एक ठोकर यहां पर भी बन जाती तो हो सकता था कि हम सबके मकान बच जाते। ग्रामीणों ने कहा कि धारा मोड़ने के स्थान पर पानी बहुत कम बह रहा है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us