मेरापुर एसओ को लोहिया अस्पताल में दौड़ाया

Farrukhabad Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
फर्रुखाबाद। पुलिस की दबिश के दौरान हुई चालक की मौत के मामले में शनिवार को मृतक के परिजनों ने ग्रामीणों के साथ एसओ को लोहिया अस्पताल में दौड़ा लिया। पुलिस ने एसओ को घेरे में लेकर वहां से हटाया। पूरे दिन पुलिस और ग्रामीणों में नोकझोंक होती रही। सिटी मजिस्ट्रेट ने डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी कराने का आश्वासन दिया तो परिजन पंचनामा भरवाने को राजी हुए। 17 घंटे बाद शव का पंचनामा भरा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। साथ ही डाक्टरों के पैनल ने बिसरा सुरक्षित कर लिया है। घटना के संबंध में मृतक के भाई विजय ने हत्या के मामले की तहरीर पुलिस को नहीं दी है, जबकि भाई के घर से ले जाने और मृत अवस्था में लोहिया में लाने की सूचना अधिकारियों को दी है।
विज्ञापन

मेरापुर एसओ एके सिंह शुक्रवार की शाम प्रधान गंगाप्रसाद की बोलेरो लेकर दबिश देने बेवर गए थे। बोलेरो देवसानी निवासी राजीव उर्फ राजू कठेरिया चला रहा था। वहीं पर राजू की तबियत खराब हो गई। एसओ राजू को लेकर लोहिया अस्पताल आए, जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। रात में ही परिजनों की एसओ से शव को जबरन शवगृह में रखने को लेकर नोकझोंक हुई। रात में मामला शांत हो गया था। शनिवार की सुबह परिवार के ग्रामीणों के साथ अस्पताल पहुंचे। यहां एसओ और प्रधान पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। पुलिस सुबह जब पंचनामा भरने पहुंची तो परिजनों ने कहा कि जब तक मृतक के पिता नहीं आ जाते तक शव का पंचनामा नहीं भरने देंगे। पुलिस शांत होकर बैठ गई। इसी दौरान एके सिंह वहां पर आ गए। एसओ देख परिजन भड़क गए। राहुल को मार डालने का आरोप लगा एसओ को दौड़ा लिया। यह देख शहर कोतवाली पुलिस ने एसओ को घेरे में लेकर वहां से हटा दिया। इसके बाद शहर कोतवाल विजय बहादुर सिंह की ग्रामीणों से नोकझोंक हो गई। परिजनों ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज कर पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाए और उसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाए। ग्रामीणों का आक्रोश देख फतेहगढ़, शहर कोतवाली, पीएसी के साथ ही कायमगंज सीओ योगेंद्र पाल सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार भी आ गए। दोपहर करीब ढाई बजे मृतक के पिता ईश्वरचंद्र पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका बेटा पुलिस की कोई महत्वपूर्ण बात जनता था, इसीलिए उसकी हत्या की गई है। सिटी मजिस्ट्रेट ने उनसे कहा कि वे जो चाहते हैं, वही होगा। तीन डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी कराई जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई भी होगी। इसके बाद ही परिजन पंचनामा को राजी हुए। पुलिस पंचनामा पर मौत का कारण स्पष्ट न होने की बात लिखा ही रही थी, तभी अन्ना समर्थक बाबूसिंह सोमवंशी निवासी बदनपुर भड़क गए और कहा कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान हैं, जिससे उसकी मौत हुई है। यह सुन दारोगा सूरतराम वर्मा भी तैश में आ गए। मौजूद लोगों ने जैसे-तैसे मामला शांत कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us