विज्ञापन

बाढ़ आने पर फिर दिखेगा तबाही का मंजर

Farrukhabad Updated Thu, 05 Jul 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
कायमगंज। हर साल बाढ़ की विभीषिका का दंश झेलने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए शासन ने करोड़ों की लागत से गंगा में बंधे बनवाने का काम शुरू तो कर दिया है किंतु गंगा किनारे रहने वाले ग्रामीण इन बंधों और तटबंधों की गुणवत्ता से संतुष्ट होते नजर नहीं आ रहे हैं। उन्हें डर है कि करोड़ों की लागत से गंगा में फैलाई जा रही प्लास्टिक की बोरियां इस गर्मी के मौसम में जलस्तर बढ़ने से पहले ही सड़ जाएगीं और इन बंधों के उपर से पानी निकल कर उनके सामने फिर बाढ़ की स्थिति हमेशा की तरह पैदा कर देगा। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के प्रयोगों से बाढ़ और गंगा के कटान को रोका जा सकता है। इन बंधों की मियाद कई दशकों की बताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कटरी क्षेत्र को बाढ़ की तबाही से बचाने के लिए मौजूदा प्रदेश सरकार ने गंगा पर सात करोड़ की लागत से तटबंध और छोटे छोटे बांध बनवाने का निर्णय लिया था। जिसके तहत तत्काल काम भी शुरू करा दिया गया था और सिंचाई विभाग का बारिश से पहले 30जून तक काम निपटाने का समय निर्धारित किया गया था। इस योजना के तहत विभाग द्वारा गंडुआ गांव में 6, साधौसराय गांव में 4,सिन्नौली में 2, अलीगढ़ में 2, खान आलमपुर में 6 बंधों व ठोकरों क ो बनवाने का काम शुरू कर दिया। हालांकि निमार्ण कार्य प्रगति पर चल रहा है जिसके एक सप्ताह में पूरा होने अधिकारी भरोसा दिला रहे हैं। तटबंधों के निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही प्लास्टिक की बोरियों से गांव वाले संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि ठेकेदारों द्वारा पुरानी सीमेंट की बोरियों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो इस चिलचिलाती धूप में पानी के संपर्क में आते ही सड़ने लगी हैं। उनमें भरी गई रेत बह गई है। उनके उपर लगाई जा रहे जिओ बैग में भी पूरी तरह रेत नहीं भरी जा रही है।
गंडुआ निवासी अमर सिंह, रिंकू, कलक्टर सिंह, राम किशन, प्रमोद, रिषीपाल, आदि ने बताया जिस उंचाई केे बंधे बनाए जा रहे हैं उनसे बाढ़ को रोक पाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि हर साल गंगा के जलस्तर से लगभग 15 फीट ऊंचाई तक पानी बढ़ जाता है जो गांव के साथ साथ आस पास के गांवों में भी तबाही मचाता है। उन्होंने बताया कि दो साल पहले गंगा के कटान से आधे से ज्यादा गांव गंगा में समा गया था। कहा कि जब तक गांव के किनारे किनारे ठोकरें नहीं बनाई जाएंगी तब तक बाढ़ से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है।
वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि इन ठोकरों के उपर 3 मीटर उंचे परकोपाइन कसे जाऐंगें जिनका काम एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में 4.68 करोड़ की लागत से 4 बंधों और 16 ठोकरों क ा निर्माण
कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शेष कार्य अगले साल कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन ठोकरों की अवधि 60 साल है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Farrukhabad

लूट के आरोपी सिपाही ने किया समपर्ण, भेजा गया जेल

लूट के आरोपी सिपाही ने किया समपर्ण, भेजा गया जेल

11 दिसंबर 2018

विज्ञापन

विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत पर बोले यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। बीजेपी की हार और कांग्रेस की जीत पर यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बयान दिया है। मौर्य ने कहा कि इस हार का असर लोकसभा चुनाव 2019 पर नहीं पड़ेगा।

11 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree