प्रशासन के भरोसे पर भी नहीं रुके ग्रामीण

Farrukhabad Updated Sun, 01 Jul 2012 12:00 PM IST
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शमशाबाद। जमीन कब्जे को लेकर हुए विवाद के बाद गांव अकबरपुर दामोदर छोड़कर भागे सभी एक दर्जन परिवार इतने भयभीत हैं कि उन्हें पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर भी भरोसा नहीं है। शनिवार को तहसीलदार और थानाध्यक्ष के साथ गांव पहुंचे उप जिलाधिकारी अरुण कुमार ने चौपाल लगाकर दोनों पक्षों में प्रेमपूर्वक रहने का लिखित समझौता करवाया, साथ ही हिदायत भी दी कि जिस पक्ष की तरफ से विवाद उत्पन्न किया गया उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन एसडीएम के वहां से जाने के बाद भी घरों में ताले लटकते रहे।
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अकबरपुर दामोदर से एक दर्जन परिवारों के पलायन के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को वहां कायमगंज के उप जिलाधिकारी अरुण कुमार, तहसीलदार रामजी, और शमशाबाद थानाध्यक्ष डी के सिसौदिया पहुंच गए। शुक्रवार को गांव से भागे महिमा चंद्र और फूलचंद्र शनिवार को बचे हुए सामान भी बटोर कर ले जाने के लिए अपने घर आए थे। इनके अलावा संतराम, गनेश, महेशचंद्र और हरीशंकर भी अपने घरों से सामान समेट रहे थे। एसडीएम ने गांव में ही चौपाल लगाकर इन सभी लोगों को बुलाया। दूसरे पक्ष से भंवरपाल, पूर्व प्रधान विनोद यादव, रघुवीर यादव सहित अन्य लोगों को बुलाया। दोनों पक्षों से एसडीएम ने कहा कि जिस जमीन पर कब्जे का विवाद है वह ग्राम समाज की है उस पर अब कोई भी अपने मवेशी नहीं बांधेगा। जमीन पर कब्जे का प्रयास कोई भी न करे। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष गांव में रहें। एक परिवार की तरह प्रेमपूर्वक व्यवहार करें। यादव बिरादरी के पक्ष से कहा कि जब शाक्य परिवार गांव छोड़कर जा रहा था तो उनमें से किसी ने रोका क्यों नहीं। कहा कि कोई अगर अपना घर छोड़कर जा रहा है तो पड़ोसी के सीने में दर्द महसूस होना चाहिए। यह भी कहा कि अब कोई छींटाकसी नहीं करेगा। किसी भी पक्ष की शिकायत मिली तो कानूनी कार्रवाई भी बेहिचक होगी। कहा कि गांव छोड़कर गए लोग वापस अपने घरों में आएं। दोनों पक्ष सामंजस्य बनाकर रहे। इस बात पर एसडीएम ने दोनों पक्षों को राजी करते हुए लिखित रूप से वहीं पर समझौता भी कराया। एसडीएम ने दोनों पक्षों के कई लोगों से बयान भी लिए।
हालांकि एसडीएम के गांव से चले जाने के डरा सहमा शाक्य परिवार वहां रुकने की हिम्मत नहीं जुटा सका। दोपहर तीन बजे दो लोडर वाहनों पर सभी ने अपने घरेलू सामान लाद लिए। और भी गाड़ियां वहां पर आने की प्रतीक्षा होती रही। गांव छोड़ रहे शाक्य परिवार काफी भयभीत दिखे। बात करने पर कहा कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा नहीं है।
पुलिस ने ठीकरा मीडिया पर फोड़ा
अकबरपुर दामोदर से शाक्य परिवारों को पलायन करने से रोक पाने में विफल पुलिस ने इसका ठीकरा मीडिया पर फोड़ा। अपनी गर्दन बचाते हुए शमशाबाद थानाध्यक्ष डी के सिसौदिया ने चौपाल के दौरान कहा कि यह सब मीडिया वालों ने करवाया है। एसओ की इस टिप्पणी पर वहां उपस्थित मीडिया कर्मी भड़क गए। थानाध्यक्ष से मुंहाचाही हुई। जिस पर मीडिया कर्मियों ने थानाध्यक्ष डी के सिसौदिया को खूब खरी खोटी सुनाई।
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