स्वास्थ्य केंद्र का हाल, चार करोड़ भवन पर लटका ताला

Farrukhabad Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ पुराने जिला अस्पताल में नव निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का सूरते हाल बहुत खराब है, चार करोड़ की बने भवन पर एक साल से ताला लटका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का चिकित्सकों पर कोई दबाव नहीं है, इस कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को चालू कराने में विभाग के अधिकारी फेल हो रहे है। आखिर वह चिकित्सकों के अभाव का सहारा लेकर अपना पल्ला झाल रहे है।
फतेहगढ़ नगर और आसपास गांव वासियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए फतेहगढ़ पुराने जिला अस्पताल प्रागंण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण सन 2007 में शुरु हुआ था। पचास बैड के भवन का निर्माण कराने के लिए शासन से लगभग चार करोड़ रुपए का बजट आया था। इस बजट से कार्यदायी संस्था ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया। पिछली साल जुलाई माह में कार्यदायी संस्था ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सौप दिया था। तब से आज तक इस भवन में ताला लटक रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र का नाम शासन के आदेश पर शहीद कौशलेन्द सिंह रखा गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शुरु कराने के लिए कुछ चिकित्सकों और कर्मचारियों की तैनाती पिछली साल की थी। लेकिन सीएमओ के आदेश का डाक्टरों पर कोई असर नहीं हुआ। कोई भी अस्पताल में ड्यूटी करने नही आया। इस कारण भवन का ताला नहीं खुल सका। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपने आदेशों का पालन कराने में असहाय साबित हुए। तब विभाग के अधिकारियों ने चिकित्सकों की कमी का सहारा लिया। विभागीय अधिकारियों की इस उदासीनता के चलते चार करोड़ के भवन पर करीब एक साल से ताला लटक रहा है। इस कारण नगर और गांव के लोगों को छोटी बीमारियों का इलाज कराने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है।
पार्क निर्माण में खानापूर्ति
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित पुराने जिला अस्पताल प्रागंण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य कराया था। इस भवन के सामाने पार्क का निर्माण होना था। कार्यदायी संस्था ने अस्पताल के सामने पुराने पार्क के चारो तरफ छोटी दीवाले और सीमेंट की पटिया डाल कर खानपूर्ति कर दी।
24 बैड का अस्पताल भी हुआ बंद
फर्रुखाबाद।नव निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अभी शुरु नहीं हुआ कि 24 बैड का पुराने भवन में चल रहा स्वास्थ्य केेंद्र भी बंद हो गया। इस स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था मई 2007 में बसपा सरकार में की गई थी। ताकि नगर और आसपास के गांववालों को छोटी बीमारियों का इलाज हो सकें। अब तो यह भी बंद हो गया। यहां पर कोई डाक्टर और कर्मचारी नही मिलता है। इस कारण मरीजों को इलाज कराने के लिए प्राइवेट चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
वर्जन
चिकित्सकों का अभाव है, इस कारण सामुदायिक स्वास्थ्यक केंद्र का संचालन नही हो पा रहा है। चिकित्सकों के आने पर अस्पताल सुचारु रुप से चालू कराया जाएगा। चिकित्सकों के अभाव के कारण 24 बेड का अस्पताल भी बंद हो गया है।

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