रजनी सरीन तो सिर्फ शपथ ही ले पाई थीं

Farrukhabad Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। सदर नगर पालिका में लगातार उतार-चढ़ाव आते रहे हैं। बात 1999 की है। तब की चेयरमैन को शासन ने बर्खास्त कर दिया था और शहर के मतदाताओं को उप चुनाव का सामना करना पड़ा था। इस चुनावी जंग में भाजपा उम्मीदवार के रूप में डा. रजनी सरीन की जीत हुई था। लेकिन यह बात अलग है कि चंद मिनट ही वह पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ सकीं।
पालिका चुनाव में आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद 1995 में पहली महिला चेयरमैन दमयंती सिंह चुनी गई थीं। लेकिन उन पर अनियमितताओं के आरोप में 15 अप्रैल 1999 को उस वक्त सूबे की भाजपा सरकार ने बर्खास्त कर दिया था और 20 जून 1999 को नए सिरे से पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव कराए गए, जिसमें भाजपा उम्मीदवार की हैसियत से डा. रजनी सरीन, सपा प्रत्याशी निर्मला शाक्य को हराकर अध्यक्ष चुनी गईं। लेकिन दमयंती सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी, जिसमें चुनाव कराने मगर परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। उस दौरान पालिका उपाध्यक्ष रहे असलम शेर खां बताते हैं कि चुनावी परिणाम की घोषणा पर रोक के खिलाफ डा. रजनी सरीन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और चुनाव परिणाम घोषित कराने की गुहार लगाई। इस याचिका पर आए निर्णय में चुनाव परिणाम घोषित कर दिया गया, जिससे भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई और भाजपा नेताओं के दबाव में प्रशासन ने 1 जुलाई 1999 को डा. रजनी सरीन को रात के वक्त शपथ ग्रहण करा दी। शपथ लेने के अगले दिन अपने बच्चे की बीमारी के कारण डा. सरीन को बाहर जाना पड़ा। तब समझा गया कि इस प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। डा. सरीन लौट भी नहीं पाईं कि अदालत ने दमयंती सिंह की याचिका की सुनवाई करते हुए उन्हें अध्यक्ष पद पर बहाल कर दिया। इस बारे में डा. रजनी सरीन बताती हैं कि शपथग्रहण करने के बाद वे बच्चे के इलाज के लिए बाहर चली गईं। आठवें रोज जब वापस लौटीं तो तत्कालीन डीएम ने बताया कि अब वे पालिका कार्यालय न जाएं। क्योंकि फैसला दमयंती सिंह के पक्ष में आया है।
इस तरह शहर के विकास का जो सपना देखा था। वह उनका पूरा न हो सका। इसके बाद वे 2006 में भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ीं लेकिन कामयाब नहीं हो सकीं। वह बताती हैं कि समाजसेवा का जज्बा उन्हें विरासत में मिला। उन्होंने अपने ससुर की खूबियों को भी गिनाया। पेशे के साथ उन्हें अपने मूल कर्तव्य का हमेशा ख्याल रखा और राजनीतिक उतार-चढ़ाव तो आते जाते रहते हैं। इससे उनके लक्ष्य नहीं बदले।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

इन्वेस्टर्स समिट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड के विकास का खींचा खाका

इन्वेसस्टर्स सिमट के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य अतिथि निर्मला सीता रमन, रक्षा मंत्री भारत सरकार का स्वागत किया।

22 फरवरी 2018

Related Videos

VIDEO: अब ये खास अंडरवियर बचाएगी बहू-बेटियों की आबरू

साल 2016 में देश में सबसे ज्यादा रेप के मामले उत्तर प्रदेश से सामने आए। अब यूपी की ही एक बेटी ने एक महिलाओं की इज्जत-आबरू को बचाने का बेड़ा उठाया है। इस बेटी ने एक ऐसा अंडरवियर बनाया है जो रेप प्रूफ है। देखिए क्या है इसकी खासियत।

11 जनवरी 2018

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen