सेशन हवालात से आठ बंदी भागे

Farrukhabad Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। जिला जेल से आज सुबह पेशी पर लाए गए 43 बंदियों में से आठ सेशन हवालात की दीवार काटकर फरार हो गए। इन बंदियों के फरारी की सूचना हवालात के कर्मियों को तब लगी, जब बंदियों ने शोर मचाया। इसके बावजूद सुरक्षाकर्मी काफी देर तक आलाधिकारियों को इस घटना की सूचना देने के बजाए खुद ही कचहरी और आसपास के इलाकों में खोजबीन करते रहे। बाद में सुरक्षाकर्मियों की सूचना पर एसपी, एएसपी समेत जिले के आला पुलिस अफसर और भारा मात्रा में पुलिसफोर्स कचहरी में पहुंचा। एसपी ने भागे बंदियों का सुराग लगाने की जिम्मेदारी एसओजी टीम को सौंपी है।
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इस सनसनीखेज वारदात के बाद जिले के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही बंदियों के घरवालों को उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी थाना और कोतवाली प्रभारियों को वाहनों की चेकिंग और आसपास के क्षेत्रों में बंदियों की तलाश करने का सघन अभियान छेड़ दिया गया है। बंदियों के परिजनों की धरपकड़ का आदेश भी दिया है। फरार हुए सभी बंदी फर्रुखाबाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के हैं, जिनमें से एक कुख्यात अपराधी है और उस पर हत्या, लूट और जघन्य अपराधों के 18 मुकदमे दर्ज हैं।
एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि भागे बंदियों को शीघ्र से शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। किसी भी किस्म की कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। भागे बंदी कहीं कोई घटना न कर दें, इसको लेकर भी पुलिस को आलाअफसरों ने निर्देश दिए हैं।भागे अपराधियों में फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव नगला झब्बू निवासी सर्वेश नट के ऊपर लूट, डकैती, हत्या के साथ ही 18 मुकदमे दर्ज हैं। उसके ऊपर नोएडा, नवाबगंज, मेरापुर, कंपिल में मुकदमे दर्ज हैं। सर्वेश के साथी परशुराम उर्फ बबलू उर्फ पंजाबी पर भी अपहरण कर हत्या, लूट आदि के मुकदमे दर्ज हैं। रामू के खिलाफ भी डकैती आदि के मुकदमे हैं। सर्वेश, बबलू, गैंगस्टर और डकैती के मुकदमे हैं। नन्हें पर डकैती के दौरान हत्या का मुकदमा चल रहा है। राकेश पर लूट, हत्या, अपहरण आदि के मुकदमे हैं। इन सभी शातिर अपराधियों का लंबाचौड़ा आपराधिक रिकार्ड होने के कारण पुलिस चिंतित है।
घटनाक्रम के अनुसार आज सुबह करीब 8.30 बजे जिला जेल से पेशी पर लाए गए 43 बंदियों को सेशन हवालात में बंद कर दिया गया। इसके बाद एक-एक कर बंदियों को संबंधित कोर्ट में भेजा गया। करीब 11 बजे कुछ शातिर बंदियों ने हवालात की शौचालय में जाकर चार इंच की दीवार से लोहे की पत्ती से एक ईंट? काटकर बाद में ईंट से ही धीरे-धीरे और ईंटें निकालकर एक फुट लंबा व इतना ही चौड़ा नकब लगा दिया। नकब लगाने के बाद आठ बंदी फरार हो गए। बंदियों के भागने के काफी देर बाद जब हवालात में बंद अन्य बंदियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर-शराबा होने पर हवालात इंचार्ज अरूण कुमार और हवालात मोहर्रिर अवधेश सिंह को हुई तो वह लोग मौके पर पहुंचे। जब उन्हें बंदियों के भाग जाने की जानकारी हुई तो पहले तो इस बात को काफी देर तक दबाने का प्रयास किया। लेकिन जब मामला नहीं संभला तो इसकी जानकारी अफसरों को दी गई। कुछ ही देर में एएसपी ओपी सिंह आनन-फानन में मौके पर आ गए। एएसपी ने हवालात मोहर्रिर से मामले की जानकारी ली। इसके बाद गिनती की गई। तब अफसरों को पता चला कि हवालात से आठ बंदी कम हैं।
एसपी नीलाब्जो चौधरी, सीओ सिटी विनोद कुमार सिंह, प्रतिसार निरीक्षक सतीश शर्मा, सीओ अमृतपुर अभय गुप्ता, एसओजी टीम भी मौके पर आ गई। जांच के दौरान पता चला कि भागने वालों में राकेश उर्फ नन्हकू पुत्र जमादार निवासी राजेपुर, प्रवेश पुत्र रामादीन निवासी नौगवां कोतवाली फतेहगढ़, परशुराम उर्फ बबलू उर्फ पंजाबी निवासी दानमंडी थाना जहानगंज, सर्वेश पुत्र भूरे नट निवासी नगला झब्बू थाना नवाबगंज, नन्हें उर्फ भूरी पुत्र गेंदनलाल निवासी कंझाना नवाबगंज, आशीष पुत्र मुन्नालाल निवासी कछियाना कोतवाली फर्रुखाबाद, बबलू पुत्र विनोद कटियार निवासी सातनपुर पट्टिया कोतवाली फर्रुखाबाद, रामू पुत्र मोहन निवासी शिवरई बरियार कोतवाली कायमगंज हैं। एसपी ने बताया कि सेशन हवालात की एक वाई एक फीट की दीवार में नकब लगाकर बंदी भागे हैं। इन बंदियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। समाचार लिखे जाने तक घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
पुलिस ने पीटी लकीर
फर्रुखाबाद। सांप निकलने के बाद लकीर पीटने वाली कहावत के साथ ही पुलिस की निष्क्र्तियता एक बार फिर उस वक्त उजागर हुई, जब शातिर दिमाग बंदी दीवार में नकब लगाते रहे और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। आठ बंदियों के भागने के बाद पुलिस नींद से जागी।
सेशन हवालात जहां पर बनी है। वहां से मात्र दस कदम की दूरी पर हवालात मोहर्रिर के साथ ही कुछ पेशी कराने आए पुलिस के जवान भी बैठे थे। लेकिन हवालात के पास कोई भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था, जिसका फायदा फरार हुए बंदियों ने उठाया। हैरत की बात तो यह है कि चार इंच की दीवार में नकब लगाने और फरार होने में बंदियों को कम से कम एक से दो घंटे का समय तो जरूर लगा होगा। लेकिन बेपरवाह पुलिस आरामतलबी में मस्त रही। पुलिस को तो इसका पता तब चला, जब हवालात में बंद अन्य बंदियों ने शोर-शराबा मचाना शुरू कर दिया। बंदियों के भागने के बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए इधर-उधर तलाश की और कुछ देर बाद शांत बैठ गए। अगर अन्य बंदी शोर न मचाते तो और भी बंदी नकब वाले स्थान से भाग सकते थे। वहीं पुलिसकर्मी इस बात की चर्चा करते सुने गए कि एक बंदी पर दो सिपाहियों की ड्यूटी लगती है लेकिन फोर्स की कमी के चलते ऐसा नहीं हो रहा है।
नामों को लेकर पशोपेश
फर्रुखाबाद। एक ही नाम के दो बंदियों के भाग जाने से पुलिस पशोपेश में पड़ी रही। इसको लेकर सीओ सिटी और फतेहगढ़ पुलिस जिला जेल पहुंची। राजेपुर निवासी राकेश और फतेहगढ़ के नौगवां निवासी प्रवेश के नामों को लेकर पुलिस पशोपेश में रही। राकेश का नन्हकू उर्फ प्रवेश नाम भी है। सीओ ने बताया कि राकेश और प्रवेश दोनों भागे हैं।

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