कटैला कांड में तीन लोग हिरासत में

Farrukhabad Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
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अमृतपुर। दलित अधेड़ द्वारा एक समुदाय की युवती को भगाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने बीती रात आरोपी युवक के तीन भाइयों को जिला शाहजहांपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस को कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। उधर, 80 ग्रामीणों के खिलाफ 107-16 की कार्रवाई की गई है। इधर, घर से भागे दलित बस्ती के लोग पीएसी तैनात होने के बावजूद गांव आने से डर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें पुलिस प्रशासन पर भी बिल्कुल भरोसा नहीं रह गया है।
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थाना क्षेत्र के गांव खाकिन निवासी एक समुदाय की युवती को गांव कटैला निवासी दलित अधेड़ द्वारपाल 30 मई को भगाकर ले गया था। इसके बाद दलित बस्ती में जो कहर ढाया गया है। उससे पुलिस इस बात को लेकर काफी सतर्क है कि कहीं मामला आनर किलिंग का न बन जाए। आला अफसरों ने भी इस अनहोनी घटना की आशंका व्यक्त करते गत दिन थाना पुलिस को कड़े निर्देश दिए थे। पुलिस भी प्रेमी-युगल की बरामदगी के लिए तेजी से जुटी हुई है। रविवार की रात थाना पुलिस ने जिला शाहजहांपुर के थाना कटरा के गांव खड़सार से द्वारपाल के भाई कुंदनपाल, कृष्णमुरारी और शिवराम को हिरासत में ले लिया। पुलिस तीनों को अमृतपुर थाने लेकर आई। तीनों से पूछताछ की जा रही है। उधर, पुलिस ने कटैला गांव में मचाए गए तांडव के मामले में 80 नामजद ग्रामीणों के खिलाफ 107-16 की कार्रवाई कर दी है। हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। थानाध्यक्ष अमृतपुर सुनीलदत्त ने बताया कि द्वारपाल के भाइयों से लड़की बरामदगी के लिए पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही प्रेमी-युगल को बरामद कर लिया जाएगा। गांव कटैला में 1 जून की रात एक समुदाय के लोगों ने दलित बस्ती पर धावा बोलकर जमकर कहर बरपाया था। इस घटना के बाद पीड़ित अपने-अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारियों में चले गए। पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए गांव खाकिन में पीएसी बल तैनात कर दी। राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह ने भी गांव आकर पीड़ितों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। लेकिन पीड़ितों के जेहन में डर इस कदर बैठा हुआ है कि तीसरे दिन सोमवार को भी कोई भी पीड़ित अपने-अपने घरों को नहीं लौटा है। आज भी गांव में सन्नाटा नजर आया। गांव में टूटे-फूटे घर में आज भी मनीराम, सुशीला बैठे थे। जब इन लोगों से पूछा कि अब तो गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। फिर भागे हुए लोग आखिर क्यों नहीं आ रहे हैं तो उन्होंने कहा कि इस घटना का डर अभी भी पीड़ितों के दिल से नहीं निकला है। इस संबंध में पीड़ित मदनपाल कठेरिया ने मोबाइल पर बताया कि वह अपने रिश्तेदार के यहां परिवार समेत है। अगर वह गांव लौटा तो उसे जान से मार दिया जाएगा। पीएसी का भी कोई भरोसा नहीं है। जब तक मामला पूरी तरह से ठंडा नहीं हो जाता तब तक वह गांव नहीं लौटेगा।
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