दबंगों के भय से कटैला गांव की दलित बस्ती में सन्नाटा

Farrukhabad Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। दबंग हमलावरों के भय से गांव छोड़कर भागने वाले दलित दूसरे दिन रविवार को भी घर नहीं लौटे। इससे कटैला गांव की दलित बस्ती में सन्नाटा पसरा रहा।
थाना अमृतपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत अमैयापुर के मजरा खाखिन की पिछड़े वर्ग की एक लड़की को गांव कटैला निवासी द्वारपाल बीती तीस मई को भगा ले गया था। लड़की बारात बारह जून को आने वाली थी। लोकलाज के भय से लड़की के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराने के बजाए थाने में मौखिक सूचना देकर बेटी का पता लगाने की गुहार की थी। वहीं लड़की का पता नहीं जलने पर उसके सजातीय सैकड़ों लोगों ने कटैला गांव की दलित बस्ती में धावा बोलकर कहर बरपाया था। हमलावरों ने कई दलितों के मकान ढहाने के साथ घरों से जेवर, नगदी, अनाज, सामान आदि लूट लिया था। पिटाई से बचने के लिए अधिकांश दलितों ने गांव छोड़ दिया था। हमलावरों के भय से गांव छोड़ने वाले दलितों में से कोई भी रविवार को नहीं लौटा। कटैला गांव के मनीराम ने बताया कि पूरा परिवार बिखर गया है। बच्चे कहीं है और हम कहीं हैं। गांव में बच्चों समेत करीब डेढ़ सौ लोग रहते थे। अब कोई भी नहीं दिखाई दे रहा है। मकान गिराए जाने से पूरी दलित बस्ती वीरान दिखाई दे रही है। बाबूराम की पत्नी बिन्नो देवी ने मेरा पूरा परिवार इधर-उधर भटक रहा है। रिश्तेदार भी गांव आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। हमलावरों ने एक बर्तन भी नहीं छोड़ा, जिससे हम पानी तक पी सकें। खाना बनाने के लिए आटा, दाल, चावल तक नहीं है।
पीड़ितों के घर में अनाज का एक दाना भी नहीं बचा। सिर से छत तो छिन ही गई। पीने के पानी के लिए बर्तन भी नहीं हैं। करीब डेढ़ सौ लोगों में सिर्फ चार लोग ही गांव में बचे हैं। पीड़ितों की आंखों में आज भी खौफ साफ नजर आ रहा था। उनका कहना था कि इस कांड में करीब 15-20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
गांव कटैला में एक दर्जन घर दलितों के हैं। इन घरों में महिलाओं, पुरूषों और बच्चों को मिलाकर करीब 150 लोग रहते हैं। इन घरों के सदस्यों पर शुक्रवार की रात आफत बनकर टूटी। हमलावर समुदाय के लोगों ने पूरी बस्ती में जमकर तोड़फोड़, मारपीट और लूटपाट की। बच्चों तक को नहीं बख्शा। घर में रखा अनाज तक ले गए। डर की वजह से बस्ती के लोग अपने-अपने घर छोड़कर भाग गए। रविवार को गांव में सिर्फ मनीराम, उनकी पत्नी सुशीला देवी, बाबूराम और उनकी पत्नी बिन्नो देवी गांव में मौजूद थीं। जब इन लोगों से उनके हालचाल के बारे में पूछा तो मनीराम कहा कि हमनै तौ कछु करौ भी नाही तौ। फिरहु हमारे घर को तोद्दौ। सुशीला देवी ने बताया कि घर में अनाज का एक दाना भी नहीं है। पीने के पानी के लिए बर्तन तक नहीं बचे हैं, वह भी तोड़ डाले। उन्होंने बताया कि पूरी बस्ती में करीब 20 जानवर थे। वह भी खोल ले गए।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

National

दिल्ली: शैलजा हत्याकांड पर पुलिस का खुलासा, मेजर ने कैसे और क्यों किया मर्डर

भारतीय सेना में मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा के हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने रविवार को नया खुलासा किया है।

24 जून 2018

Related Videos

पुलिस चौकी के पास हुआ इतना बड़ा कांड, लेकिन अफसरों को नहीं पड़ी भनक

फर्रूखाबाद में युवक का जला हुआ शव मिलने से सनसनी फैल गई। युवक की पहले हत्या की गई। फिर उसे जला दिया गया।

8 जून 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen