लक्ष्य से भटक जाता है मनमानी करने वाला

Farrukhabad Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। मनमानी करने वाला मानव अपने जीवन लक्ष्य से भटक जाता है और अपना जीवन नष्ट कर लेता है। जंगल में तप करने से भगवान की प्राप्ति नहीं हो सकती है। भगवान की प्राप्ति की रास्ता सत्गुरु ही दिखा सकते हैं। यह उद्गार रविवार को संत निकंकारी भवन में हुए सत्संग में महात्मा रघुसहाय ने व्यक्त किए।
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साप्ताहिक संत्सग में महात्मा रघुसहाय ने कहा कि भगवान श्रीराम ने कहा कि मुझे तप, जप, वृत से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। संसार के कर्मकांड से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। परमात्मा मानव के काफी करीब है। लेकिन अज्ञानता के कारण नजर नहीं आता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम लगातार किसी काम को करते हैं, तभी हमें उस काम का ज्ञान प्राप्त होता है। इसी तरह परमात्मा की जानकारी के लिए निरंतर सेवा, सुमिरन, सत्संग करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति निष्काम भाव से सेवा करतें हैं, परमात्मा उनकी झोली खुशियों से भर देता है।
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