प्रशासन की निगाह में कई विभागों की भूमिका संदिग्ध

Farrukhabad Updated Thu, 24 May 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। लिंजीगंज और मन्नीगंज बाजार में रिफाइंड ऑयल का अवैध कारोबार कई साल से फलता फूलता रहा। आगरा से पॉम ऑयल की खेप मंगाने से लेकर इसे ब्रांडेड रिफाइंड ऑयल के रूप में सीमावर्ती जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति किया जाता रहा। लेकिन संदेहास्पद बात यह है कि इस धंधे पर अभी तक जिला पूर्ति विभाग, खाद्य विभाग और मार्केटिंग विभाग की नजर कैसे नहीं पड़ी। मोहल्ले के हर चप्पे और वहां होने वाली गतिविधियों से वाकिफ रहने वाले पिकेट ड्यूटी के पुलिस कर्मी भी बेखबर रहे। बाजार में हुए इतने बड़े खुलासे पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक हैरान हैं लेकिन अन्य अफसरों के चेहरे पर कोई बदलाव न झलकना भी क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा।
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फर्रुखाबाद के शहरी क्षेत्र में लिंजीगंज की मार्केट काफी बड़ी मानी जाती है। वहां तेल, घी, चीनी, अनाज, मसाले का कारोबार व्यापक पैमाने पर होता है। व्यापारी भी वहां पूंजीपति समझे जाते हैं। इस बाजार में फूड विभाग के इंस्पेक्टर भी यदा कदा आते हैं। खासतौर से होली, दीपावली के त्योहार से पहले बाजार में फूड इंस्पेक्टरों, पूर्ति विभाग के कर्मचारियों की आवाजाही और दुकानों पर माल चेकिंग की कार्यवाही ज्यादा होती है। लेकिन कई स्थानों पर हो रहे इस अवैध कारोबार की भनक इन इंस्पेक्टरों और कर्मचारियों को न लगने की बात किसी के गले नहीं उतर रही। जिला पूर्ति अधिकारी आर एन चतुर्वेदी को जिले में तैनात रहे काफी समय हो गए हैं। बाजार में पुलिस की पिकेट रहती है। पुलिस कर्मियों को हर एक चप्पे की जानकारी अपने मुखबिरों के जरिए रहती है। सीमावर्ती जिलों से आने वाले बड़े खरीददार माल को मुख्य रास्ते से ही लेकर गुजरते हैं। इसके बावजूद इतने बड़े गोरखधंधे की जानकारी किसी को नहीं हुई यह हैरत वाली बात भी है। हाल ही में जिले में स्थानांतरित होकर आए पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारियों की सक्रियता के चलते लिंजीगंज बाजार के अलावा पूर्व में अन्य जगह छापेमारी कराई जा चुकी है। जबकि विभागीय लोगों से उन्हें लिंजीगंज बाजार में हो रहे पॉम ऑयल को ब्रांडेड कंपनी के रिफाइंड बनाकर बेचने की जानकारी नहीं मिल सकी।
मन्नीगंज में व्यापारी रामतीरथ के गोदाम में पहुंचे अपर जिलाधिकारी कमलेश कुमार ने इसी बात पर फूड विभाग के लोगों से नाराजगी जताई। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय लोग भी संदेह के दायरे में आते हैं लेकिन उनकी जांच का निर्णय जिलाधिकारी के स्तर से लिया जाना है। उधर मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट बीडी वर्मा और पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद कुमार सिंह ने जोर देते हुए कहा कि व्यापारी इस गोरखधंधे के माध्यम से लोगों के शरीर में स्लो प्वाइजन घोल रहे हैं यह बड़ा अपराध है।
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